उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
2
विचारों
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में ब्लॉक सहायक कर्मियों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। जिले की सभी ब्लॉकों के ब्लॉक सहायक अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं और वेतन बढ़ाने तथा समय पर मानदेय दिए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं। ये सभी कर्मी अपनी पीड़ा लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे।
मथुरा में कुल 10 ब्लॉक हैं और इन सभी 10 ब्लॉकों के ब्लॉक सहायक अनिश्चितकालीन धरने पर चले गए हैं। कर्मियों के इस तरह धरने पर जाने से प्रशासनिक कामकाज में रुकावट पैदा हो रही है।
जबरन कराए जा रहे काम का आरोप
धरने पर बैठे संविदा कर्मियों ने बातचीत में बताया कि उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। उनका कहना है कि जो काम उनके जिम्मे नहीं हैं, वे भी जबरन उनसे कराए जा रहे हैं।
ब्लॉक सहायक अंशुमन गुप्ता, जंगल तरकर और कृष्णवीर राणा ने बताया कि जो काम उन्हें करना है, वह तो वे कर ही रहे हैं, लेकिन जिस काम की जिम्मेदारी उनकी नहीं है, उसका भार भी जबरन उन पर डाल दिया जा रहा है। उनके अनुसार ब्लॉक का काम वैसे भी बहुत अधिक रहता है और अब इसके ऊपर जनगणना में भी ड्यूटी लगा दी गई है।
6000 रुपए महीने के वेतन से नाराजगी
कर्मियों ने बताया कि जनगणना का काम उन्हें मोबाइल से ही करना पड़ रहा है, जिसके चलते उन्हें बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उन्हें मानदेय दिया जा रहा है, उससे वे संतुष्ट नहीं हैं। उन्हें 6000 रुपए प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है, जो उनके मुताबिक मनरेगा मजदूरों से भी कम है।
ब्लॉक सहायकों का कहना है कि एक काम के बदले 200 रुपए डे पर दिए जाते हैं, जबकि इसके साथ अतिरिक्त भार भी उन पर डाल दिया जाता है। उन्होंने मांग रखी कि उनका वेतन 800 रुपए प्रतिदिन किया जाए।
मुख्यमंत्री कार्यालय के घेराव की चेतावनी
कर्मियों ने साफ कहा कि वे केवल वही काम करेंगे जो उनके जिम्मे है, इसके अलावा कोई दूसरा काम नहीं करेंगे। उन्होंने शिकायत की कि उनका वेतन समय पर नहीं आता और 5 महीने बीत जाने के बावजूद अभी तक मानदेय नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि अपनी मांगों को लेकर वे अनिश्चितकाल तक धरने पर बैठे रहेंगे और 15 तारीख तक मथुरा में ही डटे रहेंगे। कर्मियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें मान ली जाती हैं तो ठीक है, अन्यथा वे लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव करेंगे।
Comments
0 comment