उपनाम: धरना प्रदर्शन
55 दिन तक नहीं सुनी गई पुकार, धरने पर बैठे श्रमिक ने तोड़ा दम; अब सवालों के घेरे में जिम्मेदारी
बाड़मेर की गिरल लिग्नाइट माइंस में 55 दिन से जारी मजदूर आंदोलन के दौरान धरना स्थल पर एक श्रमिक की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना के बाद मजदूरों में भारी रोष है और निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
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3 महीने पहले
'मनरेगा मजदूरों को भी हमसे ज्यादा मिलता है'.. मानदेय और सैलरी को लेकर भड़के संविदा कर्मी
मथुरा में सभी 10 ब्लॉकों के ब्लॉक सहायक कर्मी वेतन बढ़ाने और समय पर मानदेय देने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। कर्मियों का आरोप है कि उन्हें 6000 रुपए प्रतिमाह मिल रहे हैं, जो मनरेगा मजदूरों से भी कम है।
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3 महीने पहले