जीवनशैली
एक घंटा पहले
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विचारों
प्यार के मामले में अक्सर यही कहा जाता है कि ‘उम्र तो महज एक संख्या है।’ लेकिन जब यही रिश्ता शादी के मंडप तक पहुंचता है और दोनों पार्टनर के बीच 10, 15 या 25 साल तक का अंतर हो, तो समाज की निगाहें टेढ़ी हो जाती हैं। लोगों के मन में सबसे पहला सवाल यही उठता है कि क्या इतने बड़े उम्र के फासले के साथ वैवाहिक जीवन सुखी रह सकता है, या फिर यह रिश्ता आगे चलकर परेशानी का सबब बन जाता है।
इस उलझन का जवाब ढूंढने के लिए कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं है। हमारी फिल्म इंडस्ट्री में ही कई ऐसी जोड़ियां हैं, जिन्होंने उम्र के इस बड़े अंतर को खुलकर स्वीकार किया है। इन्हीं मशहूर जोड़ियों के उदाहरण से समझते हैं कि शादी में बड़ा एज गैप किसी रिश्ते के लिए ‘वरदान’ बन सकता है या फिर एक ‘वॉर्निंग साइन’।
जब उम्र का अंतर बन जाता है ‘वरदान’
रिश्तों के जानकार मानते हैं कि उम्र में बड़ा साथी रिश्ते को स्थिरता और मानसिक परिपक्वता देता है। इंडस्ट्री में इसके कई बेहतरीन उदाहरण मौजूद हैं।
करीना कपूर और सैफ अली खान (10 साल का अंतर)
सैफ और करीना की जोड़ी इंडस्ट्री की सबसे ग्रेसफुल जोड़ियों में गिनी जाती है। करीना कई इंटरव्यूज में यह मान चुकी हैं कि सैफ की मैच्योरिटी और दुनिया को देखने का उनका नजरिया उनके रिश्ते को एक ठहराव देता है। यहां उम्र का अंतर इसलिए ‘वरदान’ साबित होता है, क्योंकि बड़ा पार्टनर जीवन में स्थिर होता है और बेवजह के अहं टकराव से बचता है।
शाहिद कपूर और मीरा राजपूत (13 साल का अंतर)
शाहिद ने जब मीरा से शादी की थी, तब दोनों की जीवनशैली में काफी फर्क था। लेकिन शाहिद के अनुभव और मीरा की ताजगी भरी सोच ने मिलकर इनके रिश्ते को एक बेहतरीन संतुलन दिया।
रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा (9 साल का अंतर)
भले ही इन दोनों के बीच करीब एक दशक का फासला हो, लेकिन इनकी दोस्ती और आपसी तालमेल यह साबित करते हैं कि अगर पार्टनर्स के बीच भावनात्मक जुड़ाव मजबूत हो, तो उम्र का अंतर कभी बाधा नहीं बनता।
कब बन सकता है यह ‘वॉर्निंग साइन’?
हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। अगर बड़ा एज गैप रिश्ते को परिपक्वता देता है, तो इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जिन्हें समय रहते पहचान लेना जरूरी है।
जेनरेशन गैप और प्राथमिकताओं का टकराव
जब उम्र में 15 या 20 साल का अंतर हो, तो जीवन के लक्ष्य अलग-अलग हो सकते हैं। संभव है कि छोटा पार्टनर अभी करियर और पार्टी लाइफ का आनंद लेना चाहता हो, जबकि बड़ा पार्टनर अब घर पर सुकून और स्थिरता की तलाश में हो।
कंट्रोलिंग बिहेवियर
कई बार उम्र में बड़ा साथी अनजाने में ‘पेरेंटिंग मोड’ में आ जाता है। छोटे पार्टनर को राह दिखाने के चक्कर में वह उसे नियंत्रित करने लगता है, जिससे रिश्ते में घुटन पैदा होने लगती है।
संजय दत्त और मान्यता दत्त (20 साल का अंतर) का सबक
इन दोनों के बीच 20 साल का अंतर है। संजय दत्त के जीवन के सबसे कठिन दौर में मान्यता उनकी ढाल बनकर खड़ी रहीं। यह उदाहरण सिखाता है कि अगर रिश्ते में जिम्मेदारी उठाने का जज्बा न हो, तो इतना बड़ा अंतर रिश्ते को बिखेर सकता है।
मिलिंद सोमन और अंकिता कोंवर (26 साल का अंतर)
यह जोड़ी यह दिखाती है कि समाज की ट्रोलिंग को झेलने के लिए मानसिक रूप से बेहद मजबूत होना पड़ता है।
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