थौना जिला परिषद वार्ड में रिकाउंटिंग पर बवाल, SDM और पुलिस पर लगे आरोप; विधायक और महिला प्रत्याशी पहुंचीं DC के दरबार हिमाचल प्रदेश 10 घंटे पहले 3
सरकाघाट विधायक दिलीप ठाकुर और भाजपा समर्थित प्रत्याशी रजनी देवी ने थौना वार्ड की मतगणना में धांधली और रिकाउंटिंग रोकने के आरोप लगाते हुए सीएम सुक्खू पर दबाव डालने का दावा किया और कोर्ट जाने की चेतावनी दी।

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकारघाट में जिला परिषद के थौना वार्ड-29 की मतगणना को लेकर 31 मई की रात उपजा विवाद अब डीसी मंडी के दरबार तक जा पहुंचा है। मंगलवार को भाजपा समर्थित प्रत्याशी रजनी देवी को साथ लेकर सरकाघाट विधायक दिलीप ठाकुर डीसी मंडी से मिलने पहुंचे और रिकाउंटिंग न होने की स्थिति में अदालत का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी।

विधायक का आरोप- दबाव में रोकी गई दोबारा गिनती

विधायक दिलीप ठाकुर ने आरोप लगाया कि सीएम सुक्खू के दबाव में आकर मौके पर मौजूद अधिकारियों ने वोटों की दोबारा गिनती नहीं होने दी, जबकि प्रत्याशी रजनी और अन्य लोग लगातार रिकाउंटिंग की मांग करते रहे। उन्होंने कहा कि रिकाउंटिंग के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र तक को अधिकारियों ने स्वीकार नहीं किया और पुलिस बल का इस्तेमाल कर एजेंट्स को धक्के देकर बाहर निकाल दिया गया। विधायक ने थौना जिला परिषद वार्ड की मतगणना में बड़ी धांधली का आरोप लगाते हुए दोबारा गिनती कराने की मांग रखी।

प्रत्याशी रजनी देवी का बयान

थौना वार्ड से भाजपा समर्थित प्रत्याशी रजनी देवी ने कहा कि उन्हें चुनाव में हार का कोई गम नहीं है, लेकिन मतगणना में जिस तरह से कथित तौर पर धांधली हुई, वह सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है।

रिकाउंटिंग की मांग करने पर उनके अधिकारों को दबाया गया है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि रिकाउंटिंग न होने तक वह अपनी लड़ाई जारी रखेंगी, भले ही इसके लिए उन्हें कोर्ट तक क्यों न जाना पड़े।

थौना वार्ड का चुनावी नतीजा

  • अनीता देवी- 3393 वोट
  • अंजनी देवी- 3959 वोट
  • कल्पना कुमारी- 273 वोट
  • मीना- 3838 वोट
  • रजनी देवी- 3916 वोट
  • लक्ष्मी ठाकुर- 1573 वोट
  • वैध मतों की कुल संख्या- 16952
  • अवैध मतों की कुल संख्या- 43
  • नोटा- 105
  • कुल डाले गए मत- 17100

विजेता: अंजनी देवी

पोलिंग एजेंट का दावा- बाद में बढ़ाए गए काउंटर

मतगणना के दौरान पोलिंग ड्यूटी निभाने वाले कांशी राम राणा ने आरोप लगाया कि शुरुआत में गिनती के लिए सिर्फ 7 काउंटर लगाए गए थे, लेकिन बाद में इनकी संख्या बढ़ाकर 9 कर दी गई। उन्होंने मौके पर इसका विरोध भी किया, मगर उनकी बात नहीं सुनी गई और पुलिस बल बुलाकर उन्हें बाहर कर दिया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

मतगणना को लेकर पैदा हुए इस विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें रजनी और उनके समर्थक एसडीएम सरकाघाट को घेरते नजर आ रहे हैं और रिकाउंटिंग न कराने पर सवाल उठा रहे हैं। इसी वीडियो में सीएम की ओर से दबाव बनाए जाने के आरोप समेत कई बातें भी कही जा रही हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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