खाना खाने निकले थे, लौटकर नहीं आए: दिल्ली के होटल अग्निकांड में गुरुग्राम के एक ही परिवार के 8 लोग जिंदा जले दिल्ली 4 घंटे पहले 3
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में लगी भीषण आग में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी हादसे में गुरुग्राम का एक पूरा परिवार खत्म हो गया, जिसके 8 सदस्य रेस्टोरेंट में खाना खाने गए थे और आग में जलकर मारे गए।

देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में एक होटल में लगी भीषण आग ने गुरुग्राम के एक पूरे परिवार को निगल लिया। इस अग्निकांड में एक ही परिवार के 8 लोग जिंदा जल गए। परिवार के सभी सदस्य रेस्टोरेंट में खाना खाने पहुंचे थे, लेकिन इसके बाद वे जिंदा नहीं लौट सके।

हादसे में अब तक कुल 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। यह घटना एक परिवार के लिए ऐसी त्रासदी बनकर आई, जिसने उसके लगभग सभी सदस्यों को एक साथ छीन लिया।

अस्पताल में परिजन से मिलकर खाना खाने गया था परिवार

मिली जानकारी के अनुसार गुरुग्राम के रहने वाले विवेक अग्रवाल और उनका परिवार इस हादसे का शिकार हुआ। विवेक अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती अपने पिता से मिलने गए थे। इसके बाद वे अपने परिवार तथा मौसा-मौसी के साथ नाश्ता करने मालवीय नगर के रेस्टोरेंट पहुंचे, जहां आग लगने से सभी की जलकर मौत हो गई।

परिजन को खोजते अस्पताल पहुंचे प्रेम बंसल

अग्निकांड के बाद जब एक व्यक्ति अपने परिजनों को तलाशते हुए मैक्स अस्पताल पहुंचा तो उसे गहरा सदमा लगा। इनकी पहचान दिल्ली के महावीर एनक्लेव निवासी प्रेम बंसल के रूप में हुई। बंसल ने बताया कि इस घटना में उनकी बेटी, दामाद और परिवार के कुल 8 लोगों की एक साथ जान चली गई।

प्रेम बंसल के दामाद विवेक अग्रवाल गुरुग्राम के सेक्टर 46 के निवासी थे। पेशे से सीए विवेक सेक्टर-46 के मकान नंबर 3169 में अपने परिवार के साथ रहते थे। इस मकान के ग्राउंड फ्लोर पर वे अपनी पत्नी तर्जनी, मां प्रेमलता, पिता राधेश्याम अग्रवाल, बेटी जीविशा और वारिया के साथ रहते थे। पिता राधेश्याम की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

रात 8:28 बजे हुई थी आखिरी बात

प्रेम बंसल ने बताया कि अस्पताल की ओर से कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा, "मेरी बेटी और उसके ससुर अस्पताल में भर्ती थे, उन्हीं से मिलने के लिए ये लोग कल रात बेंगलुरु से दिल्ली आए थे। रात 8:28 बजे मेरी बेटी से बात हुई थी, तब उसने बताया था कि सभी लोग सो रहे हैं।"

उन्होंने बताया कि इसके बाद उनके पास पुलिस का फोन आया कि चार मोबाइल फोन मिले हैं। जब उन्होंने उन फोनों की जानकारी देखी तो वे सभी उनके परिवार के सदस्यों के ही थे। पीड़ित ने आरोप लगाया कि अस्पताल में परिजनों को देखने तक नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छह लोगों को रात में ही अस्पताल लाया गया था, जबकि दो अन्य को सुबह लाया गया।

हादसे में किन-किन की गई जान

इस हादसे में कमला गोयल, झुमरी लाल, एंजिल, जीविशा, पर्ल, वरिया, अशोक, प्रेम लता और उनके पति विवेक तथा तर्जनी की मौत हो गई है।

सुबह 8:48 बजे मिली थी आग की सूचना

दिल्ली पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, बुधवार सुबह 8:48 बजे मालवीय नगर स्थित 'फ्लोरिश स्टे बी एंड बी' में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की आठ गाड़ियां मौके पर लगाई गईं।

40 से अधिक लोग सुरक्षित निकाले गए

पुलिस, दमकल विभाग और अन्य आपातकालीन एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। दिल्ली पुलिस के अनुसार हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

अधिकारियों के मुताबिक मृतकों में अधिकांश विदेशी नागरिक हैं, हालांकि उनकी पहचान और राष्ट्रीयता की आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया अभी जारी है। घटना में झुलसे बांग्लादेश, नेपाल, कैमरून और लिबिया के नागरिकों को दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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