जघन्य अपराध मानते हुए महोबा अदालत का बड़ा फैसला, पत्नी और दो बेटियों के हत्यारे को सुनाई फांसी की सजा उत्तर प्रदेश 3 महीने पहले 41
महोबा की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपनी पत्नी और दो मासूम बेटियों की निर्मम हत्या के दोषी देवेंद्र विश्वकर्मा को मामले को रेयर ऑफ रेयरेस्ट मानते हुए फांसी की सजा सुनाई है। यह वारदात 2023 में हुई थी।

उत्तर प्रदेश के महोबा में एक फास्ट ट्रैक अदालत ने तिहरे हत्याकांड के दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने आदेश में इस मामले को रेयर ऑफ रेयरेस्ट करार देते हुए स्पष्ट किया कि दोषी को तब तक फांसी के फंदे पर लटकाया जाए, जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए। इस नृशंस हत्याकांड को दोषी देवेंद्र विश्वकर्मा ने वर्ष 2023 में अंजाम दिया था।

रिश्तों के कातिल को मिली सजा

अपनी ही पत्नी और दो छोटी बेटियों की जान लेने वाले इस व्यक्ति को आखिरकार उसके किए की सजा मिल गई। महोबा के अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट की जज अपर्णा त्रिपाठी ने तिहरे हत्याकांड के दोषी देवेंद्र विश्वकर्मा को मौत की सजा सुनाते हुए आदेश दिया कि उसे तब तक फांसी के फंदे पर लटकाया जाए, जब तक कि उसकी मृत्यु न हो जाए। इस फैसले को ऐतिहासिक माना जा रहा है।

2023 में हुई थी खौफनाक वारदात

यह पूरा मामला महोबा शहर कोतवाली क्षेत्र के समदनगर मोहल्ले से जुड़ा है। 17 जुलाई 2023 को हुई इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को सहमा दिया था। आरोपी देवेंद्र विश्वकर्मा शराब और गांजे का आदी था और आए दिन घर में खाने-पीने तथा पैसों को लेकर झगड़ा करता रहता था।

घटना वाले दिन भी घरेलू विवाद के चलते उसने अपनी पत्नी रामकुमारी, 9 साल की बेटी आरुषि और 6 साल की सोनाक्षी पर सिलबट्टे से लगातार वार किए। हमला इतना बर्बर था कि तीनों के सिर की हड्डियां तक चकनाचूर हो गई थीं।

ससुर ने दर्ज कराया था मुकदमा

वारदात के बाद मृतका के पिता हरिप्रसाद ने अपने दामाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शासन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी दिनेश सिंह और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र प्रताप राजपूत ने अदालत में मजबूती के साथ पक्ष रखा।

इस हाई-प्रोफाइल केस में 5 पुलिसकर्मियों, एक डॉक्टर और मृतका के परिजनों समेत कुल 9 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। चूंकि घटना के समय घर में अभियुक्त और पीड़ितों के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति मौजूद नहीं था, और परिस्थितिजन्य साक्ष्य पूरी तरह देवेंद्र के खिलाफ थे, इसलिए अदालत ने सभी साक्ष्यों और पत्रावलियों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद इसे जघन्य अपराध माना।

समाज को कड़ा संदेश

अदालत ने समाज में कड़ा संदेश देते हुए आरोपी को फांसी के फंदे तक पहुंचाने का फैसला सुनाया। इस फैसले से पीड़ित परिवार और अभियोजन पक्ष पूरी तरह संतुष्ट नजर आए।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप