महाराष्ट्र
एक घंटा पहले
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पुणे में जांच का घेरा
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की जांच अब काफी गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है। इस मामले की जांच में अब महाराष्ट्र एटीएस की आधिकारिक एंट्री हो गई है। पुणे पुलिस के साथ मिलकर एटीएस ने हमले के मुख्य आरोपी जसपाल सिंह के पुणे स्थित निजी आवास और उसके लॉ ऑफिस पर छापेमारी कर तलाशी ली है। जांच एजेंसियां अब बारीकी से इस बात का पता लगा रही हैं कि आखिर पुणे में जसपाल सिंह की गतिविधियां क्या थीं, उसके संपर्क किन लोगों से थे और उसकी पृष्ठभूमि किस तरह की रही है।
आरोपी की पृष्ठभूमि और पूछताछ
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, जसपाल सिंह पहले एक वकील के तौर पर काम करता था, लेकिन बाद में उसने नांदेड के गुरुद्वारे में सेवादार की जिम्मेदारी संभाल ली थी। सूत्रों का कहना है कि पुलिस और एटीएस की पूछताछ के दौरान जसपाल सिंह ने पंजाब में व्याप्त नशीले पदार्थों की समस्या को लेकर अपना आक्रोश जाहिर किया है। उसने इस मुद्दे के लिए सीधे तौर पर सुखबीर सिंह बादल को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, अधिकारी अभी भी इस बात की पुष्टि करने से बच रहे हैं कि हमले के पीछे का मुख्य मकसद यही था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और हर पहलू की गहन पड़ताल की जा रही है।
क्या बोले सुखबीर सिंह बादल
अपने ऊपर हुए इस हमले को लेकर सुखबीर सिंह बादल ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हमलावरों का असली मकसद पंजाब में स्थिति को अस्थिर करना और वहां की शांति व्यवस्था को भंग करना है। अकाली दल के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संकल्प जताया कि वे ऐसी किसी भी कोशिश को कभी सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि मुझे पवित्र स्थानों पर निशाना बनाया गया, लेकिन मैं न पहले कभी डरा था और न ही अब डरता हूं। उन्होंने दोहराया कि शिरोमणि अकाली दल पंजाब के गौरव और भाईचारे के लिए समर्पित है। दल किसी भी कुर्बानी के लिए तैयार है, लेकिन राज्य की उन्नति और सांप्रदायिक सद्भाव हमारी पहली प्राथमिकता है।
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