उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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विचारों
मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक गुरु
उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव को एक बड़े नेता के तौर पर जाना जाता है, लेकिन उनके जीवन में एक ऐसे व्यक्ति थे जिनका वे बेहद सम्मान करते थे। इनका नाम है उदय प्रताप सिंह। मुलायम सिंह यादव अक्सर सार्वजनिक मंचों पर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया करते थे। आज भी समाजवादी पार्टी के खेमे में उदय प्रताप सिंह को एक मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत के रूप में देखा जाता है।
शिक्षक से सांसद तक का सफर
इटावा के रहने वाले उदय प्रताप सिंह पेशे से एक साहित्यकार और कवि रहे हैं। वे मैनपुरी के जैन इंटर कॉलेज में अंग्रेजी के शिक्षक थे। दिलचस्प बात यह है कि मुलायम सिंह यादव कभी उनके छात्र हुआ करते थे। एक शिक्षक के तौर पर उन्होंने मुलायम की राजनीतिक प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता को बहुत करीब से पहचाना था। साल 1969 के जब मुलायम सिंह यादव ने अपना पहला चुनाव लड़ा, तो उदय प्रताप सिंह ने उनके लिए प्रचार की कमान संभाली और उन्हें हर कदम पर सलाह दी।
राजनीतिक विरासत और वर्तमान सम्मान
मुलायम सिंह यादव ने जब सक्रिय राजनीति में कदम रखा, तो उन्होंने अपने गुरु उदय प्रताप सिंह को भी साथ रखा। मुलायम ने उन्हें मैनपुरी लोकसभा सीट से पार्टी का टिकट दिया, जिसके बाद वे दो बार सांसद चुने गए और संसद में अपनी बात रखी। मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद भी उनका प्रभाव कम नहीं हुआ है। मौजूदा समय में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी उन्हें अपना मार्गदर्शक मानते हैं। हाल ही में अखिलेश यादव ने उदय प्रताप सिंह की पुस्तक का विमोचन किया और आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
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