मिशन 2027: चुनावी मोड में सीएम योगी, प्रभारी मंत्रियों के जिलों में बड़ा फेरबदल, जानें किसे मिली कहां की कमान उत्तर प्रदेश 9 घंटे पहले 4
विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार ने 60 मंत्रियों के प्रभारी जिलों की सूची जारी कर बड़ा फेरबदल किया है। नवनियुक्त मंत्रियों को भी जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिससे चुनाव की तारीखों को लेकर सियासी अटकलें तेज हो गई हैं।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समय की सबसे बड़ी हलचल मंत्रियों के प्रभारी जिलों को लेकर है। विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुके हैं और उन्होंने कई जिलों के प्रभारी मंत्रियों में बड़ा बदलाव किया है। प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और विकास कार्यों को रफ्तार देने के मकसद से सरकार ने मंत्रियों के प्रभारी जिलों की एक अहम सूची जारी कर दी है, जिसे चुनाव से ठीक पहले का बड़ा फेरबदल माना जा रहा है।

इस सूची में कुल 60 मंत्रियों की भूमिकाएं तय की गई हैं। खास बात यह है कि शीर्ष नेतृत्व को किसी एक जिले के प्रभार से मुक्त रखा गया है, ताकि पूरी सरकार और सभी जिलों की निगरानी का जिम्मा उनके पास रहे और वे समूचे प्रदेश पर समान रूप से ध्यान केंद्रित कर सकें। इस बदलाव के बाद एक बार फिर यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि क्या प्रदेश में चुनाव इसी साल के अंत में करा लिए जाएंगे।

वरिष्ठ मंत्रियों को दो-दो जिलों की कमान

महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य अब इटावा और हाथरस में सरकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी संभालेंगी, जबकि लक्ष्मी नारायण चौधरी को अलीगढ़ और फिरोजाबाद की कमान दी गई है। इसी क्रम में जयवीर सिंह को झांसी और फर्रुखाबाद, धर्मपाल सिंह को गाजियाबाद और रामपुर तथा नंद गोपाल गुप्ता “नंदी” को मिर्जापुर एवं चित्रकूट जैसे दो-दो अहम जिलों का प्रभार सौंपकर उनके सियासी कद को और मजबूत किया गया है।

अनिल राजभर को आजमगढ़ और सिद्धार्थनगर की जिम्मेदारी मिली है, वहीं राकेश सचान रायबरेली और कन्नौज जैसे महत्वपूर्ण राजनीतिक गढ़ों में सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे।

नए मंत्रियों को भी अहम जिम्मेदारी

नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा को जौनपुर और भदोही का जिम्मा दिया गया है। योगेन्द्र उपाध्याय को कानपुर नगर, आशीष पटेल को गोंडा, संजय निषाद को कानपुर देहात और ओम प्रकाश राजभर को अम्बेडकरनगर जैसी महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं राजनीतिक बेल्ट का इकलौता प्रभारी बनाया गया है।

दारा सिंह चौहान को कुशीनगर और श्रावस्ती की दोहरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा सुनील कुमार शर्मा को सहारनपुर, अनिल कुमार को मुरादाबाद, भूपेंद्र चौधरी को आगरा और कासगंज तथा मनोज पांडेय को सीतापुर का प्रभार दिया गया है।

राज्यमंत्रियों की तैनाती भी अहम क्षेत्रों में

राज्यमंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) को भी चुनावी और प्रशासनिक रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। नितिन अग्रवाल को लखीमपुर खीरी, कपिल देव अग्रवाल को बिजनौर, रवींद्र जायसवाल को गाजीपुर और संदीप सिंह को कृष्ण नगरी मथुरा का जिम्मा देकर अहम राजनीतिक संदेश दिया गया है। गुलाब देवी अमरोहा, गिरीश चंद्र यादव सुल्तानपुर और धर्मवीर प्रजापति मैनपुरी में कमान संभालेंगे।

असीम अरुण को हरदोई और मेरठ की दोहरी जिम्मेदारी मिली है, जबकि जेपीएस राठौर को संभल और बरेली का प्रभार दिया गया है। दयाशंकर सिंह को देवरिया और मऊ, नरेंद्र कुमार कश्यप को शाहजहांपुर, दिनेश प्रताप सिंह को बांदा और बहराइच तथा अरुण कुमार सक्सेना को बदायूं का जिम्मा सौंपा गया है।

आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र “दयालु” को बलिया और महराजगंज की दोहरी जिम्मेदारी दी गई है, वहीं अजीत सिंह पाल को फतेहपुर और सोमेंद्र तोमर को मुजफ्फरनगर का प्रभार मिला है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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