अकेलापन सिर्फ मन नहीं, सेहत को भी कर देता है बीमार, बाबा रामदेव से समझें इसे दूर करने के उपाय स्वास्थ्य 2 घंटे पहले 2
लंबे समय तक अकेला महसूस करना शरीर के लिए तनाव बन जाता है और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है। बाबा रामदेव बता रहे हैं अकेलेपन के असर और इसे दूर करने के आसान तरीके।

चीन समेत दुनिया के कई देशों में लोग अब अपना अकेलापन मिटाने के लिए ट्रैकिंग, फिल्म देखने, शॉपिंग, रेस्टोरेंट जाने और शहर घूमने तक के लिए साथी किराए पर ले रहे हैं। मतलब यह कि ऑनलाइन दुनिया भले ही हर पल जुड़ी हुई है, मगर दिलों के बीच का असली कनेक्शन कमजोर पड़ता जा रहा है। जब कोई इंसान लंबे वक्त तक खुद को अलग-थलग महसूस करता है तो उसका शरीर इसे तनाव की तरह लेता है और यहीं से अंदरूनी गड़बड़ी की शुरुआत होती है। अकेलापन बाहर से दिखता भले न हो, लेकिन भीतर ही भीतर यह शरीर की कई मजबूत दीवारों को खोखला कर देता है। आइए बाबा रामदेव से जानते हैं कि इस अकेलेपन से कैसे बाहर निकला जाए।

दुनिया में हर 6 में से 1 व्यक्ति महसूस करता है अकेलापन

WHO की रिपोर्ट कहती है कि 2014 से 2023 के बीच दुनिया में हर 6 में से 1 शख्स ने अकेलापन झेला और इसकी वजह से हर घंटे करीब 100 जानें गईं। यह समस्या किशोरों और कम उम्र के लोगों में सबसे ज्यादा देखी जाती है, लेकिन हर उम्र के लोग, यहां तक कि बुजुर्ग भी (लगभग 11.8%) अकेलेपन की चपेट में आते हैं। तमाम शोध इस बात की ओर इशारा करते हैं कि सोशल आइसोलेशन और अकेलापन शारीरिक व मानसिक सेहत, जीवन की गुणवत्ता और उम्र पर गहरा असर डालते हैं।

अकेलापन बढ़ने पर कौन-कौन सी दिक्कतें हो सकती हैं

लंबे समय तक बना रहने वाला अकेलापन डिप्रेशन और एंग्जायटी के खतरे को बढ़ा देता है। अगर शरीर लगातार तनाव में रहे तो मोटापा, डायबिटीज, हाई बीपी, दिल की बीमारी और स्ट्रोक का जोखिम भी बढ़ सकता है। अकेलापन बढ़ने पर शरीर का स्ट्रेस रिस्पॉन्स बार-बार सक्रिय होता रहता है, जिससे कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन लंबे समय तक बढ़े रहते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि शरीर में सूजन बढ़ने लगती है और इम्यून सिस्टम पर दबाव पड़ता है, जिससे इन गंभीर बीमारियों की आशंका और गहरी हो जाती है।

अकेलापन कैसे होगा दूर

  • बातचीत करें: अकेलेपन को मिटाने के लिए जरूरी है कि आप मेलजोल बढ़ाना शुरू करें। बहुत ज्यादा सोशल होने की जरूरत नहीं, बस कम से कम लोगों से बात करना शुरू कर दें। बातचीत से मन हल्का हो जाता है।

  • परिवार से जुड़ें: अकेलेपन से बचाने में आपका परिवार बड़ी भूमिका निभा सकता है, इसलिए घर के लोगों से बातें करना शुरू करें। आप क्या सोचते हैं और कैसा महसूस करते हैं, यह परिवार के उस सदस्य से जरूर साझा करें जिसके सबसे करीब आप खुद को पाते हैं।

  • दोस्त बनाएं: दोस्त जरूर बनाएं, क्योंकि अकेलेपन से उबारने में सबसे अहम भूमिका दोस्तों की ही होती है। आप उम्र के चाहे किसी भी मोड़ पर हों, नए दोस्त बनाने में कभी हिचकिचाएं नहीं।

  • योग और मेडिटेशन करें: अकेलापन दूर करने में योग और मेडिटेशन बेहद कारगर हैं। ये शरीर में तनाव पैदा करने वाले हार्मोन को नियंत्रित करते हैं, जिससे काफी राहत मिलती है। इन सबके बावजूद अगर आपको अच्छा महसूस न हो रहा हो, तो जरूरत पड़ने पर मदद मांगने में बिल्कुल झिझकें नहीं।

चेतन शुक्ला
Official Verified Account

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!