उदयपुर में हवाला का बड़ा खुलासा, एएनटीएफ की दबिश में 39 लाख से ज्यादा की नकदी जब्त राजस्थान एक घंटा पहले 4
राजस्थान के उदयपुर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने एक हवाला ठिकाने पर छापा मारकर लाखों की नकदी बरामद की है। इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है और आयकर विभाग जांच में जुटा है।

उदयपुर में हवाला नेटवर्क पर एएनटीएफ का प्रहार

राजस्थान के उदयपुर शहर में अवैध हवाला कारोबार के खिलाफ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स यानी एएनटीएफ ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने एक कार्यालय से भारी मात्रा में संदिग्ध नकदी बरामद की है, जिसे देखकर वहां मौजूद अधिकारी भी दंग रह गए। बरामद की गई कुल राशि 39 लाख 22 हजार 660 रुपये बताई जा रही है।

सूरजपोल इलाके में हुई छापेमारी

यह पूरा मामला उदयपुर के व्यस्त सूरजपोल थाना क्षेत्र का है। स्थानीय सूचना के आधार पर एएनटीएफ की टीम ने मेवाड़ मोटर्स गली में स्थित राजमंदिर ट्रेवल्स के ऊपर बने एक कार्यालय में अचानक दबिश दी। इस छापेमारी के दौरान टीम ने न केवल नकदी बरामद की, बल्कि मौके से नोट गिनने की मशीन और कैलकुलेटर भी जब्त किए हैं, जिससे इस बात की प्रबल आशंका जताई जा रही है कि यहां बड़े पैमाने पर हवाला का अवैध काम चल रहा था।

एएनटीएफ महानिरीक्षक ने दी जानकारी

एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार के मुताबिक, विभाग को गोपनीय सूचना मिली थी कि उक्त कार्यालय का उपयोग अवैध रूप से हवाला के माध्यम से नकदी के आदान-प्रदान के लिए किया जा रहा है। सूचना की गोपनीयता बनाए रखते हुए टीम ने योजनाबद्ध तरीके से वहां धावा बोला। छापेमारी के दौरान दफ्तर में मौजूद दोनों व्यक्ति भारी नकदी देखकर घबरा गए और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।

आयकर विभाग की टीम भी शामिल

मौके की नजाकत को देखते हुए तत्काल सूरजपोल थाना पुलिस और आयकर विभाग को सूचित किया गया। इसके बाद संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की गई। बरामद की गई पूरी नकदी की गिनती नोट काउंटिंग मशीन के जरिए की गई, जिसका कुल योग 39 लाख 22 हजार 660 रुपये निकला। अधिकारियों ने इस पूरी धनराशि को जब्त कर लिया है और अब इस पैसे के असली मालिक और स्रोत का पता लगाने के लिए गहन जांच की जा रही है।

हिरासत में लिए गए लोग

इस छापेमारी के दौरान दो लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान उदयपुर निवासी शुभम जैन और मध्यप्रदेश निवासी अंकित आर्य के रूप में हुई है। प्राथमिक पूछताछ के दौरान शुभम जैन इस बड़ी रकम के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या लेन-देन का उचित हिसाब पेश करने में पूरी तरह नाकाम रहा। वहीं, वहां काम कर रहे कर्मचारी अंकित आर्य से भी पूछताछ की जा रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच

फिलहाल पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 106 के अंतर्गत मामले को दर्ज करते हुए सभी साक्ष्यों को कब्जे में ले लिया है। एएनटीएफ, पुलिस और आयकर विभाग की संयुक्त टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर यह पैसा कहां से आया और किस नेटवर्क के जरिए इसे खपाया जा रहा था। हवाला नेटवर्क के खिलाफ एएनटीएफ की इस कार्रवाई को काफी अहम माना जा रहा है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि इस पूरे मामले के तार राज्य के बाहर कहां-कहां जुड़े हो सकते हैं। जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ेगी, इस पूरे रैकेट में शामिल अन्य चेहरों के नाम सामने आने की उम्मीद है।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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