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13 घंटे पहले
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अगर आप भी हर महीने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग, डिलीवरी के लंबे इंतजार और लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान रहते हैं, तो आपके लिए राहत भरी खबर है। सरकार जल्द ही ऐसी व्यवस्था लाने की तैयारी में है, जिसके बाद उपभोक्ताओं को एलपीजी की झंझट से हमेशा के लिए निजात मिल सकती है और घर बैठे ही महज एक क्लिक पर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन हासिल किया जा सकेगा।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार पीएनजी कनेक्शन के लिए एक राष्ट्रीय केंद्रीकृत पोर्टल (National Centralized Portal) शुरू करने पर गंभीरता से काम कर रही है। फिलहाल कनेक्शन लेने की प्रक्रिया थोड़ी पेचीदा है, जिसे आसान बनाने के लिए इस पोर्टल की योजना तैयार की जा रही है।
मौजूदा प्रक्रिया और नई व्यवस्था में फर्क
वर्तमान में उपभोक्ताओं को अपने इलाके की निजी या सरकारी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनी के पास आवेदन देना पड़ता है। इसमें समय भी ज्यादा लगता है और काफी भागदौड़ करनी पड़ती है। केंद्रीकृत पोर्टल के शुरू होने के बाद कोई भी नागरिक सीधे एक ही वेबसाइट पर जाकर नए पीएनजी कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस योजना की आधिकारिक घोषणा आने वाले कुछ दिनों या हफ्तों में की जा सकती है।
तय होगी कनेक्शन देने की समय-सीमा
पोर्टल पर आवेदन पहुंचते ही संबंधित क्षेत्र की गैस वितरण कंपनी को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर उपभोक्ता के घर तक पाइपलाइन कनेक्शन उपलब्ध कराना होगा। इतना ही नहीं, सरकार इसी पोर्टल के जरिए कंपनियों के कामकाज की रियल टाइम निगरानी भी करेगी।
सरकार गैस ग्रिड के नक्शों को भी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। इससे उपभोक्ता अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर ही यह देख सकेंगे कि उनके घर या सोसायटी के पास से पीएनजी की मुख्य पाइपलाइन गुजर रही है या नहीं। हालांकि, प्राकृतिक गैस पाइपलाइनों के नक्शों को सार्वजनिक करने से कुछ सुरक्षा जोखिम भी पैदा हो सकते हैं।
एलपीजी से पीएनजी की ओर शिफ्ट कराने की तैयारी
यह कदम सरकार के उस अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी उपभोक्ताओं को जहां संभव हो, वहां पीएनजी की ओर शिफ्ट किया जाना है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण एलपीजी आपूर्ति सबसे अधिक प्रभावित हुई है।
भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60% आयात करता है और इनमें से करीब 90% आयात पश्चिम एशिया से इसी समुद्री मार्ग के जरिए आता है। पश्चिम एशिया में आपूर्ति बाधित होने से प्राकृतिक गैस की उपलब्धता पर भी असर पड़ा है, लेकिन एलपीजी की तुलना में इसकी स्थिति काफी बेहतर है। भारत अपनी प्राकृतिक गैस की जरूरतों का करीब 50% आयात करता है।
लगातार बढ़ रहे हैं पीएनजी कनेक्शन
मार्च के बाद 8.6 लाख नए पीएनजी कनेक्शनों से गैस सप्लाई शुरू हो चुकी है, जबकि 3 लाख अतिरिक्त घरों तक कनेक्शन पहुंचाने के लिए बुनियादी ढांचा पूरी तरह तैयार है। वहीं, 8.8 लाख नए उपभोक्ताओं ने पीएनजी के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है। इसके अलावा 31 मई तक 78,000 से अधिक उपभोक्ता स्वेच्छा से अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर चुके हैं।
सरकार के अनुमान के मुताबिक, देश में अब भी करीब 60 लाख ऐसे परिवार हैं, जिनके घरों के पास पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध होने के बावजूद वे एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं। नया पोर्टल शुरू होने के बाद इन सभी परिवारों को पीएनजी के दायरे में लाना बेहद आसान हो जाएगा।
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