कोटा महंत हत्याकांड: SIT ने तेज की जांच, हिरासत में लिए संदिग्धों से सख्त पूछताछ जारी राजस्थान 3 महीने पहले 50
चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के मामले में विशेष जांच दल ने मुख्य संदेही संत नंदनवन समेत आधा दर्जन चेलों से गहन पूछताछ शुरू की है। जांच का फोकस जमीन विवाद, नशाखोरी के वीडियो और भू-माफियाओं की धमकियों पर है।

कोटा के ऐतिहासिक और प्राचीन चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी पड़ताल को रफ्तार दे दी है। हिरासत में लिए गए मुख्य संदेही संत नंदनवन और आधा दर्जन चेलों से सख्ती के साथ पूछताछ की जा रही है। जांच टीम मुख्य रूप से जमीन विवाद, नशाखोरी के वीडियो और भू-माफियाओं की धमकी के पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किए हुए है।

अंतिम संस्कार के बाद तेज हुई जांच

शनिवार को करीब 12 घंटे तक चले भारी गतिरोध के बाद प्रशासन और संत समाज के बीच सहमति बनी, जिसके बाद रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच महंत का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इसी दौरान पुलिस की ओर से हिरासत में लिए गए आधा दर्जन संदिग्धों, जिनमें मुख्य संदेही संत नंदनवन भी शामिल है, से SIT की टीम गहन पूछताछ कर रही है।

पुलिस इस पूरे मामले में जमीन विवाद, नशाखोरी का विरोध और संपत्ति के मालिकाना हक जैसे तमाम कोणों की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि हत्याकांड के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।

घटनास्थल की दोबारा जांच और तकनीकी पड़ताल

कोटा सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम के निर्देश पर बनी विशेष जांच टीम (SIT) ने रविवार सुबह चंद्रेसल मठ पहुंचकर घटनास्थल का दोबारा बारीकी से मुआयना किया। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और डॉग स्क्वायड की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, SIT जल्द ही पकड़े गए संदिग्धों को मौके पर ले जाकर ‘क्राइम सीन रीक्रिएशन’ करा सकती है। इसके साथ ही पुलिस महंत के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) और हत्या से ठीक तीन दिन पहले बनाए गए विवादित वीडियो की भी तकनीकी जांच कर रही है, ताकि ठोस सबूत जुटाए जा सकें।

नशाखोरी और जमीन विवाद बना मुख्य एंगल

हिरासत में लिए गए मुख्य संदेही संत नंदनवन और उनके छह से सात चेलों से अलग-अलग कमरों में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि नंदनवन की स्मैक और गांजे के नशे की लत का महंत देवानंद महाराज पुरजोर विरोध करते थे।

महंत द्वारा बनाए गए नशाखोरी के वीडियो के वायरल होने का डर और मठ की करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन पर कब्जे की नीयत को इस हत्याकांड की मुख्य वजह माना जा रहा है।

आखिरी बातचीत के रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

इसके साथ ही पुलिस एक स्थानीय वकील और कुछ भू-माफियाओं के साथ महंत की हुई आखिरी बातचीत के रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। आरोप है कि इन लोगों ने जमीन खाली न करने पर महंत को गंभीर धमकियां दी थीं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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