शिक्षक भर्ती घोटाले से कोई संबंध नहीं, मैं आम और जमीन से जुड़ा आदमी: ED की पूछताछ में बोले अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल एक महीने पहले 20
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी से प्रवर्तन निदेशालय ने शिक्षक भर्ती से जुड़े कथित घोटाले में सोमवार को 8 घंटे से ज्यादा पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार बनर्जी ने खुद को आम और जमीन से जुड़ा आदमी बताते हुए घोटाले से किसी भी संबंध से इनकार किया।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता अभिषेक बनर्जी से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिक्षक भर्ती से जुड़े कथित घोटाले के मामले में सोमवार को पूछताछ की। यह घटनाक्रम उस वक्त सामने आया जब इससे एक दिन पहले ही पश्चिम बंगाल सीआईडी ने राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति से जुड़े कथित जाली हस्ताक्षरों के मामले में उनसे पूछताछ की थी।

पूछताछ में सहयोग न करने का आरोप

सूत्रों के मुताबिक ईडी की पूछताछ के दौरान टीएमसी सांसद और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। वह खुद को एक आम और जमीन से जुड़ा हुआ आदमी बता रहे हैं और उनका दावा है कि इस घोटाले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। एजेंसी फिलहाल उनके दिए गए जवाबों का आंकलन (एग्जामिन) कर रही है। बताया गया कि पूछताछ अगले एक घंटे तक और चलने वाली थी।

8 घंटे से ज्यादा चली पूछताछ

एक अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितताओं से जुड़ी धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) जांच के सिलसिले में जारी समन के अनुपालन में बनर्जी सोमवार सुबह करीब 11 बजे कोलकाता स्थित ईडी के सीजीओ कॉम्प्लेक्स कार्यालय पहुंचे। यहां उनसे 8 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की गई।

ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जांचकर्ताओं ने बनर्जी का बयान दर्ज किया और कथित अपराध से अर्जित धन के लेन-देन का पता लगाने के लिए वित्तीय दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड तथा अन्य आरोपियों के बयानों के आधार पर उनसे सवाल किए।

मनी ट्रेल पर एजेंसी का फोकस

अधिकारी ने कहा कि एजेंसी का मुख्य ध्यान धन के लेन-देन की पूरी कड़ियों को आपस में जोड़ने पर है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पैसे का प्रबंधन किसने किया, उसे अलग-अलग खातों और संस्थाओं के जरिए कैसे आगे भेजा गया और क्या उसकी असली उत्पत्ति को छिपाने के लिए लेन-देन को कई स्तरों पर अंजाम दिया गया।

अधिकारी ने यह भी बताया कि एजेंसी ने पहले जमा कराए गए दस्तावेजों और तलाशी के दौरान बरामद नई सामग्री के बीच मिली विसंगतियों पर भी बनर्जी से स्पष्टीकरण मांगा। पूछताछ के दौरान फॉरेंसिक विश्लेषण में चिह्नित बिचौलियों और लाभार्थी संस्थाओं की भूमिका को लेकर भी सवाल पूछे गए।

बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा का मिलान

अधिकारी ने कहा कि एजेंसी ने बैंक रिकॉर्ड और संचार संबंधी डेटा जुटाए हैं, जो कई संदिग्ध लोगों की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं। पूछताछ का मकसद इन तथ्यों का बनर्जी के बयान से मिलान करना है। बनर्जी को इस केस से जुड़े कई अहम वित्तीय दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के सामने बिठाकर सवाल किए गए, साथ ही मामले के अन्य आरोपियों के बयानों और नई तलाशियों में मिले सबूतों के आधार पर भी सवाल दागे गए।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप