खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन: 5 घंटे का सफर अब सिमटेगा 2 घंटे में, बदलेगी कोसी-सीमांचल की सूरत बिहार 2 घंटे पहले 2
केंद्रीय कैबिनेट से खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन सड़क परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद कोसी और सीमांचल क्षेत्र में उत्साह है। इस सड़क के बनने से यात्रा का समय घटेगा और स्वास्थ्य, हवाई संपर्क, व्यापार तथा रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

केंद्रीय कैबिनेट ने खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना को हरी झंडी दे दी है, जिसके बाद कोसी और सीमांचल इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है। लंबे अरसे से इस मार्ग को चौड़ा करने की मांग उठ रही थी। लोगों को भरोसा है कि फोरलेन तैयार होने पर सिर्फ सफर का समय ही कम नहीं होगा, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, हवाई संपर्क और कारोबार व रोजगार के नए मौके भी सामने आएंगे। खगड़िया, मड़ैया, पसराहा, नवगछिया और पूर्णिया के लाखों लोगों को इसका सीधा फायदा पहुंचेगा।

पूर्णिया पहुंचना होगा आसान, करीब आएंगी मेडिकल और एयरपोर्ट की सुविधाएं

फिलहाल खगड़िया से पूर्णिया तक पहुंचने में चार से पांच घंटे तक लग जाते हैं। खराब सड़क और सिंगल लेन होने के कारण लोग अक्सर पटना की ओर रुख कर लेते हैं। लेकिन फोरलेन बनने के बाद पूर्णिया मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) और पूर्णिया एयरपोर्ट तक पहुंचना बेहद सहज हो जाएगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अब इलाज के लिए केवल पटना पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। गंभीर हालत वाले मरीजों को कम समय में पूर्णिया पहुंचाया जा सकेगा, जिससे जान बचाने में आसानी होगी। साथ ही हवाई यात्रा के लिए भी लोगों को एक अतिरिक्त विकल्प हाथ लगेगा।

थमेंगी सड़क दुर्घटनाएं

खगड़िया से पसराहा और आगे पूर्णिया तक का रास्ता काफी समय से हादसों के लिए कुख्यात रहा है। सिंगल लेन सड़क और भारी वाहनों के दबाव की वजह से यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। बीते कुछ महीनों में इस मार्ग पर कई लोगों की जान जा चुकी है। स्थानीय संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कई बार इस सड़क को “डेंजर जोन” घोषित करने की मांग भी रखी थी। अब फोरलेन बनने से हादसों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

सांसद राजेश वर्मा की कोशिश लाई नतीजा

खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा ने संसद से लेकर केंद्रीय मंत्रालयों तक इस सड़क के चौड़ीकरण का मुद्दा लगातार उठाया। उन्होंने कई दफा सड़क परिवहन मंत्रालय और जुड़े अधिकारियों से मिलकर परियोजना को मंजूरी दिलाने का प्रयास किया। लोगों का मानना है कि सांसद की निरंतर पहल और क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए ही सरकार ने इस अहम परियोजना को स्वीकृति दी।

मक्का किसानों को होगा बड़ा लाभ

खगड़िया और इसके आसपास का क्षेत्र मक्का उत्पादन के लिए पहचाना जाता है। यहां के किसान अपनी उपज को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में काफी समय और पैसा खर्च करते हैं। फोरलेन सड़क बनने के बाद किसान कम समय में अपनी फसल पूर्णिया के बड़े बाजारों तक ले जा सकेंगे। इससे परिवहन का खर्च घटेगा और उन्हें बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी।

जाम से राहत, बढ़ेगी रफ्तार

इस समय खगड़िया से पूर्णिया के बीच कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। त्योहारों और व्यस्त दिनों में जाम की दिक्कत और भी गंभीर हो जाती है। फोरलेन बनने के बाद वाहनों की आवाजाही सुगम होगी और सफर का समय काफी घट जाएगा। व्यापारियों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और आम यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। इससे कोसी और सीमांचल इलाके के बीच आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई गति

विशेषज्ञ मानते हैं कि खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि कोसी और सीमांचल के विकास का नया कॉरिडोर साबित हो सकती है। बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योग, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। यही कारण है कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद स्थानीय लोगों में खासा जोश देखा जा रहा है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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