कानपुर से लंदन तक नकली डिग्री का गोरखधंधा, सरगना जियाउल हसन समेत 10 दबोचे गए उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 3
कानपुर पुलिस ने 13 साल से चल रहे फर्जी डिग्री और जाली मार्कशीट के अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मास्टरमाइंड जियाउल हसन समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 62 फर्जी मार्कशीट समेत कई दस्तावेज और उपकरण बरामद हुए हैं।

उत्तर प्रदेश के कानपुर से लेकर ब्रिटेन तक फैले फर्जी डिग्री और जाली मार्कशीट बनाने वाले एक बड़े गिरोह को पुलिस ने पकड़ लिया है। यह गिरोह बीते 13 साल से नकली डिग्रियों की अंतरराष्ट्रीय 'फैक्ट्री' चला रहा था। आधुनिक तकनीक के सहारे आरोपी देश-विदेश के नामी विश्वविद्यालयों के नाम पर हूबहू असली जैसी दिखने वाली नकली डिग्रियां तैयार कर बेचते थे। इस गिरोह का कारोबार भारत के साथ-साथ सऊदी अरब, कनाडा और यूके तक फैला हुआ था।

मास्टरमाइंड समेत 10 लोग गिरफ्तार

कानपुर पुलिस ने फर्जी डिग्री बनाने के पूरे ठिकाने को सीज कर दिया है। गिरोह के सरगना जियाउल हसन उर्फ समीर समेत कुल 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। जांच में सामने आया कि 32 वर्षीय जियाउल हसन ग्राफिक्स डिजाइनिंग का माहिर है और वही पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था।

ब्रिटेन में बसने की कर चुका था तैयारी

आरोपी लंदन के एक मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर भारत और विदेश में फैले अपने पूरे नेटवर्क को चला रहा था। पूछताछ में पता चला कि वह जल्द ही ब्रिटेन में स्थायी रूप से बसने की पूरी योजना बना चुका था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस के हाथ लग गया।

तेरह साल से चल रहा था फर्जीवाड़ा

छापेमारी के दौरान पता चला कि गिरोह की प्रिंटिंग प्रेस बेहद अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। इस पर छपकर तैयार होने वाले दस्तावेज असली प्रमाण-पत्रों की जगह आसानी से इस्तेमाल किए जा सकते थे। इसी तकनीक के दुरुपयोग से गिरोह ने करोड़ों रुपये कमाए और पूरे तेरह साल तक लाखों के इस फर्जीवाड़े को अंजाम देता रहा।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

कानपुर की बेकनगंज थाना पुलिस, एसआईटी और साइबर सेल के संयुक्त ऑपरेशन में इस गिरोह पर कार्रवाई की गई। गिरफ्तार किए गए लोगों में सरगना जियाउल हसन उर्फ समीर उर्फ आतिफ के अलावा गिरोह के सदस्य नूरुद्दीन, हसन आसिफ और आमिर अहमद समेत कुल 10 लोग शामिल हैं।

पुलिस ने बरामद किया भारी सामान

आरोप है कि यह गिरोह अलग-अलग विश्वविद्यालयों के नाम पर फर्जी डिग्री, मार्कशीट, ट्रांसक्रिप्ट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज तैयार कर बेचता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 62 फर्जी मार्कशीट, छात्रों के नाम पर बनी सेमेस्टर मार्कशीट, डिग्री, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, ट्रांसक्रिप्ट और पीएचडी से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके साथ ही लैपटॉप, कंप्यूटर, कलर प्रिंटर, हार्ड डिस्क और वाई-फाई राउटर भी जब्त किया गया है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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