Kamika Ekadashi 2026: सावन की पहली एकादशी पर चमकेगी किस्मत, इन 4 जगहों पर दीपक जलाने से दूर होंगी परेशानियां धर्म एक घंटा पहले 2
सावन के पावन महीने में पड़ने वाली कामिका एकादशी का व्रत इस साल 9 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। इस विशेष दिन कुछ खास स्थानों पर दीपक जलाने से बिगड़े काम बन जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

हिन्दू धर्म में सावन के महीने को बेहद पवित्र माना जाता है। इस पावन महीने में पड़ने वाली कामिका एकादशी का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी की विशेष आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साल 2026 में सावन की यह पहली एकादशी एक बेहद ही शुभ संयोग में आ रही है। इस खास अवसर पर अगर आप अपने जीवन की परेशानियों से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ विशेष जगहों पर दीपक जलाना आपके लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है।

उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज बताते हैं कि कामिका एकादशी के दिन श्रद्धा भाव से की गई पूजा-अर्चना से घर में सुख-समृद्धि, वैभव और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इस दिन दीपक से जुड़े कुछ आसान और अचूक उपाय करने से जीवन में आ रही तमाम रुकावटें दूर हो जाती हैं और बंद पड़े काम फिर से रफ्तार पकड़ लेते हैं।

कामिका एकादशी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल सावन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 8 अगस्त 2026 को मध्यरात्रि के बाद यानी रात 1 बजकर 59 मिनट पर होने जा रही है। वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 9 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजकर 04 मिनट पर होगा।

सनातन धर्म में किसी भी व्रत या त्योहार की तिथि का निर्धारण सूर्योदय कालीन तिथि यानी उदयातिथि के आधार पर किया जाता है। चूंकि 9 अगस्त को सूर्योदय के समय एकादशी तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए कामिका एकादशी का व्रत 9 अगस्त 2026, दिन रविवार को ही रखा जाएगा। श्रद्धालु इसी दिन उपवास रखकर भगवान विष्णु की आराधना करेंगे और व्रत का संकल्प लेंगे।

कामिका एकादशी व्रत के अद्भुत लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कामिका एकादशी का व्रत करने से मनुष्य को अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है। इसे सभी एकादशियों में बेहद फलदायी माना गया है। शास्त्रों में इस बात का उल्लेख है कि इस दिन जो भी व्यक्ति सच्चे मन से भगवान श्रीहरि की पूजा करता है और व्रत रखता है, उसके जीवन से मानसिक, शारीरिक और आर्थिक कष्ट दूर हो जाते हैं।

यह व्रत न केवल आत्मशुद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है, बल्कि व्यक्ति की आध्यात्मिक उन्नति में भी सहायक होता है। भगवान विष्णु की असीम कृपा से परिवार में सुख-शांति का माहौल बनता है और आर्थिक समृद्धि के नए मार्ग खुलते हैं। इसके साथ ही, इस व्रत को करने वाले साधक को मोक्ष की प्राप्ति होती है और वह जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है।

किस्मत चमकाने के लिए इन 4 जगहों पर जरूर जलाएं दीपक

ज्योतिष शास्त्र में कामिका एकादशी के दिन दीपदान का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस पावन तिथि पर निम्नलिखित चार महत्वपूर्ण स्थानों पर दीपक जलाने से जीवन की नकारात्मकता खत्म होती है और भाग्य का पूरा साथ मिलता है:

  • श्रीहरि विष्णु के चरणों में: कामिका एकादशी की शाम को भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के सामने शुद्ध घी का दीपक अवश्य प्रज्वलित करें। ऐसा माना जाता है कि भगवान विष्णु के चरणों में दीप प्रज्वलित करने से जीवन की सभी बड़ी बाधाएं समाप्त हो जाती हैं, बिगड़े हुए काम बनने लगते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।
  • तुलसी माता के समीप: तुलसी को भगवान विष्णु की अति प्रिय माना गया है। कामिका एकादशी की संध्या पर तुलसी के पौधे के पास शुद्ध घी या फिर तिल के तेल का दीपक जलाना बेहद कल्याणकारी होता है। इस उपाय को करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है, दरिद्रता दूर होती है और धन लाभ के प्रबल योग बनते हैं।
  • घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर: एकादशी की रात को अपने घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। आप मुख्य चौखट पर घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से घर के भीतर नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं कर पाती हैं और मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर घर में प्रवेश करती हैं, जिससे सुख-समृद्धि बनी रहती है।
  • पीपल के वृक्ष के नीचे: हिन्दू धर्म में पीपल के पेड़ को बेहद पूजनीय माना गया है, क्योंकि इसमें त्रिदेवों का वास माना जाता है। कामिका एकादशी के अवसर पर पीपल के पेड़ के नीचे जाकर सरसों के तेल या घी का दीपक जलाना बहुत फलदायी होता है। माना जाता है कि इस उपाय से पितृ प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद देते हैं। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में आ रही तमाम बाधाएं व कठिनाइयां धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं।

कामिका एकादशी का यह पावन पर्व श्रद्धालुओं के लिए अपनी भक्ति को और गहरा करने और ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करने का एक अनुपम अवसर है। पूरी श्रद्धा और नियम के साथ किए गए ये सरल उपाय आपके जीवन में खुशहाली और तरक्की के नए द्वार खोल सकते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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