दिल्ली
एक घंटा पहले
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दिल्ली में स्वच्छ हवा के दिनों में उल्लेखनीय वृद्धि
दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में इस साल एक बड़ा और सुखद बदलाव देखा जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 4 अगस्त 2026 तक राजधानी में कुल 137 ऐसे दिन दर्ज किए गए हैं, जिन्हें स्वच्छ हवा की श्रेणी में रखा गया है। यह आंकड़ा बीते साल की इसी समय अवधि की तुलना में बेहतर है। यदि पिछले वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें, तो 4 अगस्त तक दिल्ली में केवल 130 दिन ही स्वच्छ हवा वाले दर्ज हुए थे। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में इस साल 7 दिन अधिक स्वच्छ हवा वाले मिले हैं। दिल्ली प्रशासन ने मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि यह उपलब्धि सरकारी तंत्र की सटीक रणनीति, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और विभिन्न संबंधित एजेंसियों द्वारा चौबीसों घंटे किए गए अथक प्रयासों का परिणाम है।
लगातार पांच दिनों से AQI 'संतोषजनक' स्तर पर
दिल्ली के लिए यह गर्व की बात है कि यहाँ का वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI पिछले पांच दिनों से लगातार 'संतोषजनक' श्रेणी में बना हुआ है। इस अवधि में AQI का स्तर 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया है। मंगलवार के आंकड़ों पर गौर करें, तो दिल्ली का AQI 64 दर्ज हुआ। वहीं, शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में गिने जाने वाले विवेक विहार इलाके में स्थिति और भी बेहतर रही, जहाँ AQI का स्तर 43 तक पहुंच गया, जो कि 'अच्छी' श्रेणी यानी 0-50 के अंतर्गत आता है। अगर हम 2016 के आंकड़ों से तुलना करें, तो उस वर्ष पूरे समय में केवल 110 दिन ही स्वच्छ हवा वाले रहे थे। इस लिहाज से मौजूदा वर्ष के अब तक के 137 दिन, एक बड़े सुधार का संकेत देते हैं।
पर्यावरण मंत्री ने साझा की सफलता की रणनीति
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने इस सुधार का श्रेय टीम वर्क और जन-भागीदारी को दिया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की सुनियोजित कार्ययोजना, वैज्ञानिक दखल, विभागों की निरंतर मेहनत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नागरिकों में बढ़ी जागरूकता का संयुक्त परिणाम है। उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन आने वाले समय में धूल नियंत्रण, कचरे के वैज्ञानिक निपटान यानी बायोमाइनिंग, प्रदूषण हॉटस्पॉट की कड़ी निगरानी और निरंतर मॉनिटरिंग जैसे सख्त कदमों को और मजबूती प्रदान करेगा।
मंत्री ने आम जनता से भी अपील की है कि वे प्रदूषण के खिलाफ जारी इस जंग में सरकार का साथ दें। उन्होंने लोगों से कचरा न जलाने, वाहनों की समय पर सर्विस करवाने, गैर-जरूरी वाहन उपयोग कम करने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का आग्रह किया। उनके अनुसार, प्रदूषण पर पूरी तरह से विजय प्राप्त करने के लिए नागरिकों का सक्रिय सहयोग बेहद आवश्यक है।
प्रदूषण रोकने के लिए जमीनी स्तर पर सख्त कदम
दिल्ली सरकार द्वारा पिछले 24 घंटों में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। इस दौरान लगभग 2,243 मीट्रिक टन निर्माण एवं विध्वंस मलबे का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित किया गया। इसके अतिरिक्त, यातायात नियमों और प्रदूषण मानकों का पालन न करने वालों के खिलाफ कुल 11,797 चालान जारी किए गए। भलस्वा, गाजीपुर और ओखला स्थित लैंडफिल साइटों पर कुल 12,277 मीट्रिक टन पुराने कचरे का बायोमाइनिंग प्रक्रिया के जरिए निपटान किया गया। शहर की सड़कों पर 81 मैकेनिकल रोड स्वीपर तैनात किए गए, जिन्होंने 2,502 किलोमीटर सड़कों की सफाई की और धूल के 169 मीट्रिक टन मलबे को वैज्ञानिक ढंग से हटाया। ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर भी जाम की समस्या को कम करने और प्रदूषण रोकने के लिए प्रभावी प्रबंधन किया गया है।
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