China Army Recruitment Process: क्या चीन की सेना में भर्ती भारत से अलग है? करियर एक घंटा पहले 6
चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की भर्ती प्रक्रिया बेहद हाई-टेक और सख्त है, जिसमें शारीरिक दक्षता के साथ-साथ राजनीतिक वफादारी को भी परखा जाता है।

चीन की सेना: एक हाई-टेक सैन्य बल

चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) दुनिया की सबसे बड़ी और ताकतवर सेनाओं में गिनी जाती है, जिसमें 20 लाख से अधिक एक्टिव सैनिक तैनात हैं। भारत की खुली भर्ती रैलियों और लंबी कतारों के विपरीत, चीन में भर्ती का सिस्टम पूरी तरह से डिजिटल और व्यवस्थित है। यहाँ केवल शारीरिक मजबूती ही काफी नहीं है, बल्कि कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति निष्ठा भी अनिवार्य है।

अनिवार्य सैन्य सेवा का नियम

चीन के संविधान और मिलिट्री सर्विस लॉ के तहत, सैन्य सेवा अनिवार्य है। 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले हर नागरिक के लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है। हालांकि, देश की विशाल आबादी के कारण वॉलंटियर्स की संख्या हमेशा अधिक रहती है, इसलिए किसी को जबरन सेना में नहीं धकेला जाता है। भर्ती प्रक्रिया अब साल में 2 बार आयोजित की जाती है।

शैक्षणिक योग्यता और उम्र की सीमा

चीन अब अपनी सेना को हाई-टेक बना रहा है, जिसके लिए नई शर्तें लागू हैं:

  • सिपाही बनने के लिए न्यूनतम 10वीं-12वीं पास होना अनिवार्य है।
  • कॉलेज स्टूडेंट्स और ग्रेजुएट्स को भर्ती में प्राथमिकता दी जाती है।
  • सामान्य युवाओं के लिए उम्र सीमा 18 से 22 साल है।
  • यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट्स को 24 साल की उम्र तक भर्ती होने की छूट मिलती है।

चयन के सख्त मापदंड

भर्ती के दौरान शारीरिक और मेडिकल टेस्ट काफी कड़े होते हैं। इसमें वजन, लंबाई और आंखों की रोशनी की बारीकी से जांच की जाती है। हालांकि, युवाओं में चश्मे की समस्या बढ़ने के कारण सेना ने नियमों में थोड़ी ढील भी दी है। फिजिकल टेस्ट में स्टैमिना, दौड़ और पुश-अप्स के जरिए उम्मीदवारों की क्षमता को आंका जाता है।

पॉलिटिकल क्लियरेंस का अनूठा टेस्ट

PLA की भर्ती का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा पॉलिटिकल बैकग्राउंड चेक है। यह सेना देश के बजाय कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के प्रति समर्पित है, इसलिए उम्मीदवार और उसके परिवार के राजनीतिक रिकॉर्ड की गहराई से जांच होती है। सरकार या पार्टी के खिलाफ किसी भी तरह की टिप्पणी या विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर उम्मीदवार को तुरंत रिजेक्ट कर दिया जाता है।

ट्रेनिंग का स्वरूप

सारे टेस्ट क्लियर करने के बाद, सफल उम्मीदवारों को बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें उन्हें आधुनिक हथियारों के उपयोग, साइबर वॉरफेयर और युद्ध की कठिन परिस्थितियों के लिए तैयार किया जाता है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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