जालोर का अनोखा चंडीनाथ महादेव मंदिर: जमीन से 20 फीट नीचे विराजमान हैं भगवान, बावड़ी का जल दिन में तीन बार बदलता है रंग धर्म एक घंटा पहले 2
जालोर जिले के भीनमाल में स्थित चंडीनाथ महादेव मंदिर अपनी प्राचीनता और चमत्कारी मान्यताओं के लिए जाना जाता है, जहां जमीन से करीब 20 फीट नीचे शिवलिंग विराजमान हैं और ब्रह्मकुंड बावड़ी का पानी दिन में तीन बार रंग बदलता है।

राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल कस्बे में स्थित चंडीनाथ महादेव मंदिर अपनी प्राचीनता, गहरी धार्मिक आस्था और इससे जुड़े चमत्कारों के कारण दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। यह मंदिर श्रद्धालुओं के साथ-साथ इतिहास और रहस्य में रुचि रखने वालों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है।

जमीन से 20 फीट नीचे बना अनूठा मंदिर

इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यह धरातल से करीब 20 फीट नीचे बनाया गया है। स्थापत्य की दृष्टि से इसे महामारु शैली की वास्तुकला का एक दुर्लभ और बेजोड़ नमूना माना जाता है, जो इसकी ऐतिहासिक अहमियत को और बढ़ा देता है।

परिसर में स्थापित हैं कई शिवलिंग

मंदिर परिसर में करीब 12 शिवलिंग प्रतिष्ठित हैं। इनमें से मुख्य शिवलिंग को भीनमाल का सबसे बड़ा और सबसे प्राचीन शिवलिंग बताया जाता है, जिसके दर्शन के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं।

दिन में तीन बार रंग बदलता है बावड़ी का पानी

मंदिर परिसर में मौजूद ब्रह्मकुंड बावड़ी को लेकर एक खास मान्यता प्रचलित है। श्रद्धालुओं के अनुसार इस बावड़ी का पानी दिन में तीन बार अपना रंग बदलता है। यही रहस्यमयी विशेषता इस स्थान को और अधिक चर्चित बनाती है।

आस्था और रहस्य का प्रमुख केंद्र

अपनी इन्हीं विशेषताओं के चलते चंडीनाथ महादेव मंदिर श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों के लिए आस्था एवं रहस्य का एक अहम केंद्र बना हुआ है, जहां लोग दर्शन के साथ-साथ इसके अनोखेपन को भी निहारने आते हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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