उपनाम: राजस्थान मंदिर
सांवलिया सेठ के दरबार में दिल्ली के कारोबारी का अनोखा दान, चांदी के बने दो शोरूम किए अर्पित
राजस्थान के श्री सांवलिया सेठ मंदिर में दिल्ली के एक व्यवसायी ने अपनी मन्नत पूरी होने पर भगवान को चांदी से बने दो शोरूम भेंट किए हैं। यह अनूठी भेंट मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है।
पाली का बनी ठनी बायोसा माता धाम: अनाथ और असहाय बच्चों के लिए ममता की छांव, जानिए इस मंदिर की खास विशेषताएं
राजस्थान के पाली में स्थित बनी ठनी बायोसा माता धाम अपनी अलौकिक मान्यताओं और अनाथ बच्चों को सहारा देने के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर में माता रानी को दिन में तीन बार भोग लगाया जाता है और भक्त इसे आस्था का प्रमुख केंद्र मानते हैं।
खाटूश्याम जी मंदिर के भक्तों के लिए जरूरी सूचना, श्रृंगार आरती के समय में हुआ बदलाव
राजस्थान के सीकर स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटूश्याम जी मंदिर में दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए नई समय-सारणी जारी की गई है। मंदिर कमेटी ने श्रृंगार आरती के समय में परिवर्तन किया है।
सीकर का हर्षनाथ मंदिर: 1053 साल पुराना शिवधाम और शेखावाटी का अनोखा हिल स्टेशन
राजस्थान के सीकर जिले में स्थित हर्षनाथ मंदिर अपनी ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, जिसे शेखावाटी का हिल स्टेशन भी कहा जाता है।
सांवलिया सेठ के खजाने में भक्तों की अटूट आस्था: दान राशि 16.60 करोड़ के पार
राजस्थान के प्रसिद्ध सांवलियाजी मंदिर में दान की गणना के दूसरे दौर के बाद खजाना 16 करोड़ 60 लाख 83 हजार रुपये तक पहुंच गया है।
सांवलिया सेठ के खजाने से पहले दिन ही निकला 10 करोड़ से ज्यादा का दान, जारी है गणना का सिलसिला
मेवाड़ के सुप्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर में दानपात्र खुलने के पहले चरण में 10 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी प्राप्त हुई है, और अभी पूरी गिनती होना शेष है।
कोटा का यह हनुमान मंदिर क्यों है आस्था का बड़ा केंद्र, दूर-दराज से जुटते हैं भक्त
कोटा शहर के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है, जहां मंगलवार और शनिवार को भक्तों की खास भीड़ उमड़ती है।
जालोर का अनोखा चंडीनाथ महादेव मंदिर: जमीन से 20 फीट नीचे विराजमान हैं भगवान, बावड़ी का जल दिन में तीन बार बदलता है रंग
जालोर जिले के भीनमाल में स्थित चंडीनाथ महादेव मंदिर अपनी प्राचीनता और चमत्कारी मान्यताओं के लिए जाना जाता है, जहां जमीन से करीब 20 फीट नीचे शिवलिंग विराजमान हैं और ब्रह्मकुंड बावड़ी का पानी दिन में तीन बार रंग बदलता है।
अनोखा मंदिर: जहां यमुना की झलक में सजता है धाम, नौका विहार और बाबा बर्फानी के दर्शन को उमड़ती श्रद्धा
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले का एक अनूठा मंदिर साल में एक बार यमुना नदी के स्वरूप में सजाया जाता है, जहां नौका विहार और बाबा बर्फानी की भव्य झांकी देखने दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।