उपनाम: रहस्यमयी मंदिर
भद्रेश्वर महादेव: सदियों पुराना यह शिवालय बना अनसुलझी पहेली, हर वर्ष आधा इंच जमीन में समाता मंदिर
राजस्थान के पाली जिले में जवाई बांध के कैचमेंट क्षेत्र में स्थित 11वीं सदी का भद्रेश्वर महादेव मंदिर अपनी पौराणिक मान्यताओं और रहस्यमयी अस्तित्व के लिए जाना जाता है। बांध बनने के बाद से यह प्राचीन शिवालय धीरे-धीरे पानी और मिट्टी में समाता जा रहा है।
स्तम्भेश्वर महादेव: वह अनोखा शिव मंदिर जिसकी राह दिन में कुछ घंटों के लिए समंदर निगल जाता है
गुजरात के तट पर बसा स्तम्भेश्वर महादेव मंदिर ज्वार के समय समुद्र के पानी में पूरी तरह समा जाता है और भाटे के साथ दोबारा प्रकट हो जाता है। प्रकृति और आस्था का यही अद्भुत संगम इसे देश के सबसे रहस्यमयी धार्मिक स्थलों में शामिल करता है।
मध्य प्रदेश का अनोखा शिव मंदिर: 15 दिन तक पार्वती और नंदी से दूर रहते हैं भोलेनाथ, नहीं लगता बाहर का भोग
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में कार्तिक माह की एक अनोखी परंपरा निभाई जाती है, जिसमें भगवान शिव 15 दिन अकेले मालवा क्षेत्र के भ्रमण पर निकलते हैं और इस दौरान उन्हें बाहर का कोई भोग नहीं लगाया जाता।
जालोर का अनोखा चंडीनाथ महादेव मंदिर: जमीन से 20 फीट नीचे विराजमान हैं भगवान, बावड़ी का जल दिन में तीन बार बदलता है रंग
जालोर जिले के भीनमाल में स्थित चंडीनाथ महादेव मंदिर अपनी प्राचीनता और चमत्कारी मान्यताओं के लिए जाना जाता है, जहां जमीन से करीब 20 फीट नीचे शिवलिंग विराजमान हैं और ब्रह्मकुंड बावड़ी का पानी दिन में तीन बार रंग बदलता है।
रांची का अनोखा हनुमान मंदिर: हर मन्नत होती है पूरी, मगर शाम छह बजते ही पसर जाता है सन्नाटा
रांची के उलाटू गांव की पहाड़ी पर बसे चार मुखी हनुमान मंदिर में हर भक्त की मनोकामना पूरी होने की मान्यता है, लेकिन घने जंगल और जंगली जानवरों के डर से यहां शाम 6 बजे के बाद किसी को रुकने नहीं दिया जाता।