जयपुर में बनेगा नया रेल सुपरहब! 1000 करोड़ की योजना से बदल सकती है उत्तर राजस्थान की तस्वीर राजस्थान 8 घंटे पहले 3
जयपुर के भट्टों की गली रेलवे स्टेशन को एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले मेगा कोचिंग टर्मिनल में बदलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यहां 10 प्लेटफॉर्म और आधुनिक सुविधाओं के साथ 100 से अधिक ट्रेनों के संचालन की संभावना है।

उत्तर जयपुर के जाहोता क्षेत्र में स्थित भट्टों की गली रेलवे स्टेशन को इलाके के एक बड़े रेल केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल ने इस स्टेशन को मेगा कोचिंग टर्मिनल में बदलने के लिए एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाला विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर रेलवे विभाग के पास भेज दिया है। अभी यह योजना प्रस्तावित चरण में है, मगर स्वीकृति मिलते ही क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा टर्मिनल

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, प्रस्तावित मेगा कोचिंग टर्मिनल को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इस परियोजना के अंतर्गत 10 प्लेटफॉर्म, 7 स्टेबलिंग लाइन, 4 इंस्पेक्शन लाइन, हेवी वॉशिंग लाइन और पिट लाइनें बनाई जाएंगी। इससे ट्रेनों के रखरखाव, संचालन तथा प्रबंधन की क्षमता में बढ़ोतरी होगी और रेलवे नेटवर्क को मजबूत आधार मिलेगा।

हरित तकनीक और स्वचालित सफाई पर जोर

टर्मिनल में अत्याधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल की भी योजना है। स्टेशन परिसर में ऑटोमेटेड क्लीनिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे ट्रेनों और प्लेटफॉर्म की सफाई और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। इसके साथ ही स्टेशन भवन को ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा और ऊर्जा की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा आधारित तकनीकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

यात्रियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखकर स्टेशन पर आधुनिक प्रतीक्षालय, डिजिटल सूचना प्रणाली, बेहतर स्वच्छता व्यवस्था और उन्नत सुरक्षा इंतजाम विकसित किए जाएंगे। रेलवे का लक्ष्य इस स्टेशन को भविष्य की जरूरतों के अनुसार ढालना है, ताकि यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें और सफर का अनुभव अधिक आरामदायक बन सके।

रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

इस परियोजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। निर्माण कार्य के दौरान बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जबकि टर्मिनल के चालू होने के बाद संचालन, रखरखाव और दूसरी सेवाओं में हजारों लोगों को रोजगार मिल सकता है। इसके साथ ही आसपास के इलाकों में व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी।

स्वीकृति का इंतजार

उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर मंडल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि मेगा कोचिंग टर्मिनल का प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजा जा चुका है और अब परियोजना को मंजूरी मिलने की प्रतीक्षा है। स्वीकृति मिलते ही इसे जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिससे भट्टों की गली रेलवे स्टेशन उत्तर जयपुर के विकास और रेल परिवहन के क्षेत्र में नई पहचान बना सकेगा।

100 से अधिक ट्रेनों के संचालन की संभावना

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि टर्मिनल के पूरी तरह विकसित हो जाने के बाद यहां से 100 से अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा। इनमें वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के संचालन की भी संभावनाएं हैं। इससे यात्रियों को लंबी दूरी की ट्रेनों की बेहतर उपलब्धता मिलेगी और जयपुर जंक्शन पर लगातार बढ़ते दबाव को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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