राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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विचारों
रणनीति पर मंथन
पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपनी चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने रविवार को दिल्ली में पंजाब के पांच बड़े नेताओं के साथ वन-टू-वन बैठक की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य पार्टी की चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक मजबूती पर चर्चा करना था।
बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल
राहुल गांधी ने सोनिया गांधी के आवास 10, जनपथ पर जिन पांच कद्दावर नेताओं से अलग-अलग चर्चा की, उनमें शामिल हैं:
- अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष
- प्रताप सिंह बाजवा, नेता प्रतिपक्ष
- चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व मुख्यमंत्री
- सुखजिंदर सिंह रंधावा, वरिष्ठ नेता
- विजय इंदर सिंगला, वरिष्ठ नेता
राहुल का स्पष्ट संदेश
बैठक के बाद मिली जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी ने सभी नेताओं को एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण राज्य है और आगामी चुनावों में जीत हासिल करने के लिए पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं को एकजुट होकर लड़ना होगा। राहुल ने जोर देकर कहा कि पार्टी के पास राज्य में सत्ता में वापसी का बेहतरीन अवसर है।
नेताओं ने दिया एकजुटता का भरोसा
बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने पार्टी के हित में अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जो भी निर्णय लेंगे, वे सभी उसके साथ खड़े रहेंगे। बाजवा ने कहा कि वे कांग्रेस के समर्पित सिपाही हैं और नेतृत्व का जो भी फैसला होगा, उसे स्वीकार करेंगे।
पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट पर भी चर्चा
सूत्रों के अनुसार, बैठक में नेतृत्व के मुद्दे और चुनाव की कार्ययोजना पर विस्तार से विचार किया गया। गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब की जमीनी हकीकत को समझने के लिए तीन पर्यवेक्षकों - अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भजन लाल जाटव को नियुक्त किया था। इन पर्यवेक्षकों ने राज्य का दौरा करने के बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंप दी है, जिसे इस बैठक का आधार माना जा रहा है।
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