राम मंदिर दान चोरी मामला: SIT की रिपोर्ट में देरी, चंपत राय के सहयोगियों पर उठे गंभीर सवाल उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान चोरी की जांच कर रही विशेष जांच दल यानी SIT की रिपोर्ट आने में अभी और समय लगेगा। जांच में मंदिर प्रबंधन की व्यवस्था और चंपत राय के करीबियों की भूमिका को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं।

SIT की जांच और रिपोर्ट में देरी के कारण

अयोध्या के राम मंदिर में दान की चोरी और गबन के आरोपों की जांच कर रही SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार हो गई है, लेकिन इसे अंतिम रूप देने में और समय लगेगा। सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान मंदिर प्रबंधन में जो अनियमितताएं सामने आई हैं, उनकी विस्तृत जांच के लिए एजेंसी ने सरकार से अतिरिक्त समय की मांग की है। अब तक 14 लोगों से सघन पूछताछ की जा चुकी है, लेकिन प्रबंधन में मौजूद गहरी खामियों के कारण अंतिम रिपोर्ट सौंपने में देरी हो रही है।

जांच के 10 मुख्य बिंदु

इस हाई प्रोफाइल मामले की जांच के दौरान सामने आए 10 बड़े खुलासे निम्नलिखित हैं:

  • अतिरिक्त समय की मांग: विसंगतियों की गहराई तक पहुंचने के लिए SIT ने उत्तर प्रदेश सरकार से जांच पूरी करने के लिए और वक्त मांगा है।
  • 14 लोगों के बयान: मंदिर से जुड़े 14 रसूखदार लोगों और सेवादारों के लिखित बयान दर्ज किए गए हैं, जिनकी बारीकी से जांच चल रही है।
  • गोपाल राव की भूमिका: जांच में सामने आया है कि गोपाल राव मंदिर ट्रस्ट के अधिकृत ट्रस्टी नहीं हैं, बावजूद इसके वे मंदिर के आंतरिक प्रबंधन में हस्तक्षेप कर रहे थे।
  • प्रबंधन में खामियां: SIT ने माना है कि मंदिर ट्रस्ट की सुरक्षा और पारदर्शिता में कई बड़े लूपहोल्स मौजूद हैं।
  • दस्तावेजों में अंतर: सेवादारों द्वारा दिए गए बयानों और मंदिर के आधिकारिक दस्तावेजों का मिलान करने पर भारी विसंगतियां मिली हैं।
  • दानपात्र की चाभियों का मामला: दानपात्र की चाभियां लेखा प्रभारी के पास होने के बजाय चंपत राय के करीबी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास रहती थीं।
  • पेशेवर प्रबंधन की सिफारिश: SIT ने मंदिर के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए कॉर्पोरेट स्तर के प्रबंधन और एक योग्य CEO की नियुक्ति का सुझाव दिया है।
  • सीधे दोषियों की पहचान: हालांकि रिपोर्ट में गड़बड़ियों का जिक्र है, लेकिन फिलहाल किसी एक व्यक्ति को चोरी का सीधे तौर पर दोषी नहीं माना गया है।
  • चंपत राय को क्लीन चिट: पूरे विवाद के बीच आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को इस गड़बड़ी से अलग रखा गया है और उन्हें क्लीन चिट मिली है।
  • प्रारंभिक रिपोर्ट का ड्राफ्ट: SIT ने शुरुआती कड़ियों को जोड़ते हुए एक ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिस पर आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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