मध्य प्रदेश
3 घंटे पहले
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भोपाल की ट्विशा शर्मी की मौत के बाद अब जबलपुर में एक और बेटी, अधिवक्ता कविता नागार्जुन की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है। शादी के महज तीन महीने के भीतर ही संदिग्ध हालात में हुई इस मौत को लेकर परिजनों को आशंका है कि कविता की हत्या की गई है। मृतका के पिता ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
तीन महीने के भीतर मौत, पिता ने दायर किया परिवाद
कविता की शादी को सिर्फ तीन महीने ही बीते थे कि उनकी मौत हो गई, जिसके बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मृतका के पिता दक्षिणामूर्ति ने जबलपुर जिला न्यायालय में परिवाद दायर किया है। उनका आरोप है कि उनकी बेटी की मौत किसी प्राकृतिक कारण से नहीं, बल्कि दहेज प्रताड़ना और सुनियोजित साजिश का नतीजा है।
परिवाद में पति मेजर ओम नागार्जुन, ससुर और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर संगीन आरोप लगाए गए हैं। पिता का कहना है कि पुलिस को शिकायत देने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिसके चलते उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
सोना, नकद, हीरे और कार देने के बाद भी नहीं रुकी मांग
परिवाद के मुताबिक विवाह के समय ससुराल पक्ष की मांग पर करीब 100 तोला सोना, 3 करोड़ रुपये नकद, 20 लाख रुपये का हीरे का हार, XUV-700 कार और लगभग 12 लाख रुपये का घरेलू सामान दिया गया था। इसके बाद भी दहेज की मांगें थमने का नाम नहीं ले रही थीं।
आरोप है कि सेना से कर्नल पद से सेवानिवृत्त ससुर ने अस्पताल खोलने के लिए 50 लाख रुपये की मांग की, जिसे भी पूरा कर दिया गया। इसके बावजूद कविता को लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा और शादी के बाद अतिरिक्त 2 करोड़ रुपये की मांग की जाने लगी। परिवार का कहना है कि दहेज के साथ-साथ उसकी शारीरिक बनावट को लेकर भी उसे अपमानित किया जाता था।
सिर पर मिले दो गंभीर चोटों के निशान
मृतका के पिता ने परिवाद में दावा किया है कि कविता के सिर पर दो गंभीर चोटों के निशान थे, जिनमें से एक चोट प्राणघातक प्रकृति की थी। उनका आरोप है कि घटना वाले दिन मेजर ओम नागार्जुन कविता को जबलपुर स्थित जेएके आरआरसी मैस से सुबह करीब 10 बजे लेकर निकले थे, लेकिन कुछ ही मिनटों की दूरी पर स्थित सैन्य अस्पताल पहुंचने में करीब तीन घंटे लग गए।
परिवार का आरोप है कि इसी दौरान कविता के साथ मारपीट की गई और बाद में उसे बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाकर मामले को कार्डियक अरेस्ट का रूप देने की कोशिश की गई।
कार्डियक अरेस्ट की थ्योरी पर सवाल
परिवार ने मौत को कार्डियक अरेस्ट बताए जाने पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि 25 अप्रैल 2025 को चेन्नई के राजीव गांधी नेशनल मेडिकल हॉस्पिटल में कविता का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया था, जिसमें हृदय से जुड़ी कोई समस्या सामने नहीं आई थी। ऐसे में करीब डेढ़ महीने बाद अचानक कार्डियक अरेस्ट से मौत होने का दावा संदिग्ध प्रतीत होता है।
निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग
पिता ने न्यायालय से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मामले में लगाए गए सभी आरोप परिवाद में वर्णित तथ्यों पर आधारित हैं, जिनकी पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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