विश्व
एक घंटा पहले
2
विचारों
आत्मनिर्भरता की ओर इजरायल का कदम
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने देश की सुरक्षा नीति में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि इजरायल को सैन्य उपकरणों के लिए अमेरिका पर निर्भरता खत्म करने की जरूरत है। वेस्ट बैंक के गुश एत्जियन में रिजर्व कॉम्बैट अधिकारियों के साथ एक चर्चा के दौरान नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान के बढ़ते खतरों के बीच इजरायल को अपनी हथियार निर्माण क्षमता को मजबूत करना होगा।
अपनी ताकत पर होगा भविष्य का निर्माण
नेतन्याहू ने अमेरिकी सहयोग का सम्मान करते हुए भी स्वतंत्र होने की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका से मिले समर्थन की वे कद्र करते हैं, लेकिन आने वाले दशकों में देश की सुरक्षा केवल अपनी सैन्य ताकत पर टिकी होनी चाहिए। प्रधानमंत्री के अनुसार, 30 साल बाद इजरायल की स्थिति कैसी होगी, यह आज की गई तैयारियों पर निर्भर करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें अपने हथियार खुद तैयार करने होंगे ताकि भविष्य के किसी भी अनिश्चित हालात का मजबूती से सामना किया जा सके।
ईरान और क्षेत्रीय तनाव
क्षेत्रीय सुरक्षा का जिक्र करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल इस समय ईरान और उसके सहयोगियों के खिलाफ एक कठिन संघर्ष में है। हालांकि इजरायल ने इन समूहों के खिलाफ कड़े प्रहार किए हैं, लेकिन लड़ाई अभी थमी नहीं है। नेतन्याहू ने इस बात पर जोर दिया कि इजरायल को अपनी सुरक्षा जरूरतों के लिए टेक्नोलॉजी और मैनपावर में आत्मनिर्भर बनना ही होगा ताकि उनकी ऑपरेशनल आजादी पर कोई बाहरी दबाव न रहे।
बदल रही है सुरक्षा साझेदारी
यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल और अमेरिका के बीच 10 साल के नए सुरक्षा सहयोग ढांचे को लेकर बातचीत चल रही है। इसका मुख्य उद्देश्य मौजूदा सैन्य मदद के मॉडल को बदलकर उसे पूरी तरह से आपसी साझेदारी में तब्दील करना है। हाल ही में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी यह उल्लेख किया था कि पिछले कुछ महीनों में इजरायल की सुरक्षा के लिए उपयोग किए गए करीब दो-तिहाई हथियार अमेरिका द्वारा सप्लाई या फाइनेंस किए गए थे। इजरायल अब इसी निर्भरता को कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
Comments
0 comment