ईरान के नेता मुज्तबा खामेनेई का ट्रंप और नेतन्याहू पर वार, पाकिस्तान ने की संयम बरतने की अपील विश्व 3 महीने पहले 64
सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिका और इज़राइल पर सैन्य रूप से विफल होने के बाद ईरान में आंतरिक फूट डालने की कोशिश का आरोप लगाया, वहीं पाकिस्तान ने बहरीन और कुवैत पर हुए हमलों के बाद दोनों पक्षों से पूर्ण संयम बरतने की अपील की।

सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू को निशाने पर लेते हुए तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि अमेरिका और इज़राइल अपने युद्ध में सैन्य स्तर पर नाकाम साबित हो चुके हैं और अब वे ईरान के भीतर फूट पैदा करने की रणनीति पर उतर आए हैं। एक लिखित संदेश में खामेनेई ने कहा कि अमेरिका के नेतृत्व वाली दमनकारी व्यवस्था एक सशक्त और स्वतंत्र ईरान को बर्दाश्त नहीं कर सकती। उन्होंने इज़राइल को उसी व्यवस्था की गढ़ी हुई रचना करार दिया।

खामेनेई ने अपने संदेश में लिखा, "सैन्य रूप से विफल होने और गहरे अपमान का सामना करने के बाद, दुश्मन अब दो बिंदुओं पर केंद्रित युद्ध लड़ रहे हैं, जो है जनता का धैर्य और अधिकारियों की गलतफहमियां। उनका मुख्य हथियार संदेह, निराशा, भय और विभाजन फैलाना है।"

उन्होंने आगे जोड़ा, "कोई भी कार्रवाई जो लोगों में संदेह या निराशा पैदा करती है, वह इस देश और इसकी जनता के दुश्मन की मदद करने का एक रूप है।" इसके साथ ही उन्होंने सभी ईरानियों से "दृढ़ता, दूरदर्शिता और एकता" के साथ जवाब देने की अपील की।

पाकिस्तान ने की संयम बरतने की अपील

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने बहरीन और कुवैत पर हुए ईरानी हमलों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय ने कहा कि कुवैत और बहरीन पर हुए निंदनीय हमलों के बाद वह पूर्ण संयम बरतने की अपील करता है।

हालिया तनाव बढ़ने के बाद, हम आशा करते हैं कि दोनों पक्ष युद्धविराम का पालन करेंगे। यदि सैन्य तनाव जारी रहता है और बातचीत व कूटनीति के अवसर कम होते जाते हैं, तो समझौते तक पहुंचने में बड़ी बाधाएं आएंगी। पाकिस्तान आशावादी दृष्टिकोण से काम कर रहा है और हालिया घटनाक्रमों से निराश नहीं होगा।

ईरान से तनातनी अब भी जारी

गौरतलब है कि फोन पर हुई बातचीत में ट्रंप की टिप्पणियों से यह संकेत मिला कि ईरान संघर्ष को खत्म करने के लिए उनके प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसकी वजह ऊर्जा की चढ़ती कीमतें और गहराती आर्थिक अनिश्चितता है, जो आगामी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन की संभावनाओं के लिए खतरा बन रही हैं और वैश्विक व्यापार पर भी असर डाल रही हैं।

यह बातचीत कई हफ्तों से चल रही है और लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह समूह के साथ इज़राइल के बढ़ते टकराव ने इसे और पेचीदा बना दिया है। ईरान ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी संभावित युद्धविराम में हिजबुल्लाह से जुड़ी शत्रुता का भी हल निकाला जाना चाहिए, जिससे दोनों संकट आपस में और गहराई से जुड़ गए हैं।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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