उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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विचारों
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक किसान ने खेती की बढ़ती लागत और घटते मुनाफे की समस्या का ऐसा समाधान खोजा है, जिसकी चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है। प्रगतिशील किसान तरुण कुमार तिवारी ने पारंपरिक तरीके से हटकर एक ही खेत में गन्ने के साथ मक्का और भिंडी उगाकर बहुफसली खेती की नई मिसाल पेश की है। इस मॉडल के दम पर वे कम लागत में हर साल लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं।
गन्ने के बीच खाली जगह का सही उपयोग
तरुण कुमार तिवारी ने अपने खेत में मुख्य फसल के रूप में गन्ना लगाया है। चूंकि गन्ने की फसल को पूरी तरह तैयार होने में काफी लंबा समय लगता है, इसलिए उन्होंने गन्ने की दो कतारों के बीच बची हुई खाली जमीन में मक्का और भिंडी की बुवाई कर दी। इस प्रयोग से न केवल खेत की उत्पादकता बढ़ी, बल्कि उन्हें कम समय में अतिरिक्त आमदनी भी मिलने लगी।
यूट्यूब से मिला अनोखा विचार
तरुण बताते हैं कि इस खेती का विचार उन्हें ‘पानी संस्थान’ और यूट्यूब के जरिए मिला। इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि मक्का की फसल बहुत कम समय में तैयार हो जाती है, जिसे बेचकर खेती का शुरुआती खर्च आसानी से निकल आता है। दूसरी ओर भिंडी की फसल कई महीनों तक लगातार बाजार में बिकती रहती है, जिससे घर में रोजाना पैसा आता रहता है। आखिर में गन्ने की मुख्य फसल पककर तैयार होती है, जो एकमुश्त बड़ा मुनाफा देती है।
एक ही मेहनत और लागत में तीन गुना फायदा
तरुण कुमार तिवारी का कहना है कि इस तरीके से जमीन का पूरा-पूरा उपयोग हो जाता है। कतारों के बीच फसलें होने के कारण खेत में खरपतवार भी बहुत कम उगते हैं और मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बेहतर बनी रहती है। सबसे अच्छी बात यह है कि किसान को अलग से अतिरिक्त मेहनत नहीं करनी पड़ती। एक ही बार की जुताई, खाद, पानी और देखभाल में तीनों फसलें एक साथ तैयार हो जाती हैं।
आसपास के किसानों में बढ़ी दिलचस्पी
तरुण की इस कामयाबी को देखकर अब आसपास के कई किसान भी इस स्मार्ट खेती मॉडल को सीखने और अपनाने में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली यह तकनीक धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र में लोकप्रिय हो रही है।
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