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14 घंटे पहले
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अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत एक बार फिर अटक गई है। सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के साथ होने वाली वार्ता को रोक देने का निर्णय लिया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम के हवाले से दी गई जानकारी में बताया गया कि लेबनान में संघर्षविराम के उल्लंघन को आधार बनाते हुए तेहरान ने अमेरिका से चल रही बातचीत निलंबित करने का फैसला किया है। गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों में इजरायल ने लेबनान पर अपने हमले और तेज कर दिए हैं।
ईरानी विदेश मंत्री का बयान
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी संघर्षविराम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था- "जरूरी सूचना- ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम स्पष्ट रूप से लेबनान सहित सभी मोर्चों पर एक व्यापक युद्धविराम है। किसी भी मोर्चे पर इस युद्धविराम का उल्लंघन सभी मोर्चों पर उल्लंघन माना जाएगा। युद्धविराम के किसी भी उल्लंघन के परिणामों के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल दोनों जिम्मेदार होंगे।"
ट्रंप बोले- चुप रहना बेहतर होगा
ईरान के साथ बातचीत निलंबित होने की खबरों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। ट्रंप ने सोमवार को कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है, लेकिन अगर यह सच भी है तो कोई बात नहीं। उन्होंने कहा- "मुझे लगता है कि हम बहुत ज्यादा बात कर रहे हैं। चुप रहना बहुत अच्छा होगा। चुप रहने का मतलब यह नहीं है कि हम बम गिराना शुरू कर देंगे, हम नाकाबंदी जारी रखेंगे। नाकाबंदी लोहे की तरह मजबूत है।" जब उनसे पूछा गया कि क्या वह ईरान के शांत होने तक इंतजार कर सकते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, "मुझे लगता है कि मैं तब तक इंतजार कर सकता हूं जब तक वे चाहें। उन्हें भारी नुकसान हो रहा है।"
मिडिल ईस्ट में मिसाइल और ड्रोन हमले जारी
पिछले कुछ समय से मध्य पूर्व में एक बार फिर मिसाइलें और ड्रोन सक्रिय हो गए हैं। एक ओर जहां अमेरिका ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है, वहीं ईरान भी अमेरिकी बेस को निशाना बना रहा है। अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के गोरुक और केश्म आईलैंड पर स्थित रडार और ड्रोन कंट्रोल साइट्स पर निशाना साधा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि उसने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो ड्रोन को नष्ट कर दिया है। दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है। IRGC ने दावा किया कि उसने उसी अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है जिसका इस्तेमाल उस पर हमले के लिए किया गया था। ईरानी सेना ने कल एक अमेरिकी MQ1 ड्रोन को मार गिराने का भी दावा किया था। हालांकि ईरान ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उसने अमेरिका के किस बेस को निशाना बनाया, लेकिन उसने मिसाइल हमले का वीडियो जारी किया है और कुवैत में ईरानी हमले को लेकर सायरन भी बजते सुने गए हैं।
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