अब ट्रेनों में घर से खाना ले जाने की जरूरत नहीं, IRCTC ने AI से सुधारी खाने की क्वालिटी राष्ट्रीय राजनीति 59 मिनट पहले 2
IRCTC ने देशभर की करीब 800 किचन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी शुरू की है, जिसके लिए 2,394 कैमरे लगाए गए हैं और दिल्ली मुख्यालय में चौबीसों घंटे चलने वाला वार रूम बनाया गया है। इस तकनीक का मकसद यात्रियों को साफ-सुथरा, सुरक्षित और स्वादिष्ट खाना उपलब्ध कराना है।

ट्रेनों में सफर के दौरान खाने की गुणवत्ता को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं और यही वजह है कि बड़ी संख्या में यात्री घर से ही खाना बनाकर ले जाना पसंद करते हैं। लेकिन अब ऐसे यात्रियों को यह झंझट नहीं उठानी पड़ेगी। भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) ने ट्रेनों में परोसे जाने वाले भोजन की क्वालिटी सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।

800 किचन में AI निगरानी

बेहतर गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराने के लिए IRCTC ने देशभर की करीब 800 किचन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया है। इस व्यवस्था के तहत किचन में साफ-सफाई और खाने की क्वालिटी पर लगातार नजर रखी जा रही है।

इसके लिए इन किचन में कुल 2,394 कैमरे लगाए गए हैं, जो रसोई में होने वाली हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे निगरानी रखते हैं। इस पूरी व्यवस्था को संचालित करने के लिए दिल्ली स्थित मुख्यालय में एक वार रूम तैयार किया गया है, जो चौबीस घंटे काम करता है। इस पहल का मकसद यात्रियों तक गुणवत्तापूर्ण और स्वादिष्ट भोजन पहुंचाना है।

कीड़े-मकोड़े दिखते ही मिलता है अलर्ट

यह AI आधारित सिस्टम खाने की गुणवत्ता से जुड़ी नौ प्रमुख चीजों की पहचान करने में सक्षम है। इनमें कर्मचारियों द्वारा हेयरनेट पहनना, ग्लब्स का इस्तेमाल, सफाई व्यवस्था, फर्श की पोंछाई और किचन की साफ-सफाई के साथ-साथ चूहे, मक्खी और कॉकरोच जैसे कीटों की मौजूदगी शामिल है। खास बात यह है कि यह तकनीक बेहद छोटे कीड़ों को भी पकड़ सकती है।

दो घंटे में समाधान जरूरी

IRCTC के सीएमडी संजय जैन के मुताबिक, जैसे ही सिस्टम किसी गड़बड़ी का पता लगाता है, संबंधित रसोई मैनेजर को तुरंत अलर्ट भेज दिया जाता है। अगर निर्धारित समय में समस्या का समाधान नहीं होता, तो मामला अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर दो घंटे के भीतर समस्या सुलझा ली जाती है।

3,137 मामलों में लगा जुर्माना

रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में IRCTC ने यात्रियों को लगभग 60 करोड़ भोजन परोसे। इस दौरान खाने की क्वालिटी को लेकर कई शिकायतें भी सामने आईं। पिछले पांच वर्षों में रेलवे को भोजन से जुड़ी 19 हजार से अधिक शिकायतें मिलीं, जिनमें से 3,137 मामलों में जुर्माना भी लगाया गया।

मौसम बदलने पर बढ़ती है चुनौती

IRCTC के अनुसार, मौसम बदलने के दौरान खाने की गुणवत्ता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है और ऐसे समय में शिकायतें भी बढ़ जाती हैं। नई AI तकनीक की मदद से यात्रियों तक सुरक्षित और हेल्दी भोजन पहुंचाया जा सकेगा, साथ ही शिकायतों में भी कमी आने की उम्मीद है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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