सनातन धर्म के लिए अनूठी पदयात्रा: तपती गर्मी में रोज 40 किलोमीटर चल रहे रोहित, अयोध्या-काशी के बाद अब देवघर की राह पर झारखंड 4 महीने पहले 56
लखीमपुर खीरी के 24 वर्षीय रोहित कुमार 7500 किलोमीटर की पदयात्रा पर हैं और रोजाना 40 से 42 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। अयोध्या और काशी के दर्शन के बाद उनका सफर अब कोडरमा होते हुए देवघर की ओर बढ़ रहा है।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के रहने वाले 24 वर्षीय रोहित कुमार इन दिनों अपनी 7500 किलोमीटर लंबी पदयात्रा के कारण लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन के संकल्प के साथ निकले रोहित का यह सफर अब कोडरमा पहुंच चुका है। उनकी इस कठिन और प्रेरक यात्रा को देखकर रास्ते में मिलने वाले लोग जहां उनकी सराहना कर रहे हैं, वहीं जगह-जगह उन्हें सहयोग भी मिल रहा है।

29 अप्रैल को शुरू हुआ था सफर

रोहित कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी पदयात्रा की शुरुआत 29 अप्रैल 2026 को की थी। यात्रा के दौरान वह सबसे पहले अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान श्रीराम के दर्शन किए। इसके बाद वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया। अब वह कोडरमा के रास्ते देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

पूरी यात्रा में लगेंगे साढ़े पांच महीने

रोहित ने बताया कि देवघर के बाद उनका सफर पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर तक जाएगा। इसके बाद वह अमरनाथ धाम और फिर केदारनाथ धाम की यात्रा भी पैदल ही पूरी करेंगे। उनके अनुसार पूरी यात्रा को संपन्न करने में करीब साढ़े पांच महीने का समय लगेगा।

उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच कई स्थानों पर तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी उनका हौसला कम नहीं हुआ है। रोहित का कहना है कि राह में मिलने वाले लोगों का स्नेह, सम्मान और सहयोग उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहता है।

परिवार ने रोकना चाहा था कदम

रोहित ने बताया कि इससे पहले भी वह कई अहम धार्मिक यात्राएं पैदल पूरी कर चुके हैं। बाबा बर्फानी अमरनाथ धाम और रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग की यात्रा भी उन्होंने पैदल ही की थी। इन्हीं यात्राओं से मिले अनुभव और आत्मविश्वास ने उन्हें इस विशाल पदयात्रा के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने बताया कि जब उन्होंने 7500 किलोमीटर पैदल चलने का फैसला लिया, तब परिवार के सदस्य इस कठिन सफर को लेकर चिंतित हो गए थे। घरवालों ने उन्हें ट्रेन, बस या किसी अन्य साधन से यात्रा करने की सलाह दी, लेकिन रोहित ने पैदल ही पूरा सफर तय करने का संकल्प नहीं छोड़ा। उनका मानना है कि पदयात्रा के जरिए वह ज्यादा से ज्यादा लोगों से जुड़ सकते हैं और सनातन धर्म के प्रति जागरूकता फैला सकते हैं।

हर दिन 40 से 42 किलोमीटर की दूरी

रोहित ने बताया कि भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए वह प्रतिदिन सुबह करीब 4 बजे अपनी यात्रा शुरू कर देते हैं और 11 बजे तक पैदल चलते रहते हैं। दोपहर में कुछ घंटे विश्राम करने के बाद शाम को दोबारा निकलते हैं और रात 8 से 9 बजे तक चलते हैं। इस तरह वह रोजाना करीब 40 से 42 किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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