भारत
एक घंटा पहले
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425 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक डील
भारतीय नौसेना की युद्ध क्षमता को और मजबूत करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने एक अहम फैसला लिया है। मंत्रालय ने पुणे की कंपनी Bharat Forge Limited के साथ 425 करोड़ रुपये का एक बड़ा करार किया है। इस डील के तहत, भारतीय नौसेना के कोलकाता क्लास शिप्स के लिए 12 नए और उन्नत स्वदेशी गैस टर्बाइन जेनरेटर्स तैयार किए जाएंगे।
रूसी तकनीक से मिलेगी आजादी
अब तक भारतीय युद्धपोत बिजली की जरूरतों के लिए 1980 के दशक से चली आ रही रूसी तकनीक पर निर्भर थे। ये पुराने सिस्टम न केवल मेंटेनेंस के लिहाज से मुश्किल थे, बल्कि स्पेयर पार्ट्स के लिए विदेशी मदद पर निर्भर रहना पड़ता था। अब इनकी जगह 1.25 मेगावाट क्षमता वाले स्वदेशी जेनरेटर्स लेंगे। इस बदलाव से न केवल नौसेना की ऑपरेशनल पावर बढ़ेगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
डील की मुख्य विशेषताएं
- स्वदेशी भागीदारी: इन सभी गैस टर्बाइन जेनरेटर्स में कम से कम 60 प्रतिशत पुर्जे भारत में ही निर्मित होंगे।
- आधुनिक तकनीक: 1.25 मेगावाट के ये जेनरेटर्स आधुनिक रडार और कॉम्बैट सिस्टम को निर्बाध बिजली सप्लाई देंगे।
- समय सीमा: Bharat Forge Limited को यह पूरा प्रोजेक्ट पांच साल के भीतर पूरा करना होगा।
- रणनीतिक आत्मनिर्भरता: इस कॉन्ट्रैक्ट के जरिए सिस्टम के लाइफ साइकिल सपोर्ट और मेंटेनेंस पर भारत का पूरा नियंत्रण होगा।
आगे का रास्ता
यह कॉन्ट्रैक्ट Defense Acquisition Procedure 2020 के तहत Buy Indian कैटेगरी में साइन किया गया है। Bharat Forge Limited इस प्रोजेक्ट के लिए एक विशेष इंटीग्रेशन और टेस्ट फैसिलिटी भी तैयार करेगी। कंपनी का लक्ष्य है कि भविष्य में बड़े पावर प्लांट्स और प्रोपल्शन सिस्टम के डिजाइन में भी भारतीय सशस्त्र बलों की जरूरतों को देश में ही पूरा किया जा सके। रक्षा मंत्रालय का मानना है कि यह कदम समुद्री क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को और अधिक सशक्त बनाएगा।
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