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4 घंटे पहले
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मिडिल-ईस्ट में लगातार बढ़ते तनाव के बीच कुवैत पर हुए ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। भारतीय दूतावास ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस हमले का मुख्य निशाना कुवैत एयरपोर्ट को बनाया गया था। इस घटना ने कुवैत समेत पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर नई चिंताओं को जन्म दे दिया है।
सीजफायर टूटते ही दोबारा भड़की जंग
एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की खबरें चल रही थीं, वहीं दूसरी ओर युद्ध के दूसरे दौर की आहट भी सुनाई देने लगी है। ईरान ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई होर्मुज के पास किए गए अमेरिकी हमले के जवाब में की गई।
खार्ग आईलैंड के पास हमले का बदला
ईरान का दावा है कि अमेरिकी नौसेना ने खार्ग आईलैंड के नजदीक IRGC के कमांड सेंटर को निशाना बनाया था। इसके बाद ही ईरान ने बहरीन और कुवैत पर हमले शुरू कर दिए। IRGC ने बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना की 5वीं फ्लीट पर हमला करने का दावा किया है।
अमेरिका का मिसाइलें हवा में मार गिराने का दावा
हालांकि सेंटकॉम का कहना है कि उसने ईरान की अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर लिया। दूसरी ओर IRGC के वॉरटाइम हेडक्वॉर्टर ख़तम-अल-अनबिया कमांड ने भी कमर कस ली है और साफ कह दिया है कि जब तक अमेरिका और इजरायल माफी नहीं मांगते, तब तक हमले जारी रहेंगे।
56 दिन बाद फिर शुरू हुई मिसाइल बारिश
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी से 8 अप्रैल तक अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच भयंकर टकराव चला, जिसका असर पूरी दुनिया आज तक झेल रही है। इसके बाद 8 अप्रैल से सीजफायर लागू हुआ था और उसके ठीक 56 दिन बाद एक बार फिर मिसाइलें दागी जाने लगीं।
ट्रंप के दावों पर सवाल
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि ट्रंप के समझौते वाले दावों में कितनी सच्चाई है। दरअसल, ईरानी और कुछ अमेरिकी मीडिया ट्रंप के दावों को हवा-हवाई बता रहे हैं। उनका कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच कोई बातचीत नहीं चल रही और पिछले कई दिनों से दोनों के बीच कोई संपर्क तक नहीं है। ईरान ने आखिरी बार लेबनान पर हमले रोकने की शर्त रखी थी, उसके बाद से कोई बातचीत नहीं हुई।
'ईरान 47 साल से जो कर रहा, अब नहीं चलेगा'
इन खबरों पर डोनाल्ड ट्रंप भड़क उठे। उन्होंने इन्हें फेक न्यूज करार देते हुए दावा किया-
'रोज बात हो रही है। कल भी ईरान से बात हुई है। मैंने ईरान को कह दिया है कि इस बार उसे जाने नहीं दूंगा। पिछले 47 सालों से वो जो कर रहा है, वो इस बार नहीं होगा।'
पाकिस्तान में हुई बातचीत भी रही बेनतीजा
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग रोकने के लिए पाकिस्तान में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने बातचीत की थी, लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकल सका। दोनों देश किसी भी तरह की शर्तों पर सहमति बनाने में नाकाम रहे हैं।
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