देश में नहीं रहेगी LPG और पेट्रोल-डीजल की किल्लत, घरेलू सप्लाई बढ़ाने का मेगाप्लान तैयार राष्ट्रीय राजनीति 2 घंटे पहले 3
अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस मिलने के बाद भारत ने पूर्वी तट पर बड़ा ऊर्जा अभियान छेड़ दिया है, जिसके तहत समुद्र तल के नीचे छिपे तेल और गैस भंडार तलाशे जा रहे हैं।

अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस के भंडार मिलने के बाद भारत ने अपने पूर्वी समुद्री तट पर एक बड़ा ऊर्जा मिशन शुरू कर दिया है। इस अभियान का मकसद देश को ईंधन के मामले में और अधिक आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि आने वाले समय में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी न रहे और इन पर खर्च होने वाला पैसा देश में ही रहे।

कहां हो रहा है सर्वे

सरकार महानदी, कृष्णा-गोदावरी, बंगाल-पुर्णिया और कावेरी बेसिन में हाई-टेक सिस्मिक सर्वे करा रही है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य समुद्र की सतह के नीचे छिपे तेल और गैस के भंडारों का पता लगाना है। यदि यह मिशन कामयाब रहता है, तो देश की एलपीजी, पेट्रोल और डीजल आपूर्ति को मजबूती मिलेगी और विदेशी तेल पर निर्भरता घट सकती है।

आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल

इस काम के लिए सरकार अत्याधुनिक इमेजिंग तकनीक का सहारा ले रही है, जिसके जरिये समुद्र तल से कई किलोमीटर की गहराई तक जांच की जाएगी। इस तकनीक से जमीन के नीचे मौजूद संभावित भंडारों की सटीक तस्वीर सामने आ सकेगी।

ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम कदम

विशेषज्ञ इस पूरे अभियान को भारत की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम मान रहे हैं। उनका मानना है कि यदि घरेलू स्तर पर तेल और गैस की उपलब्धता बढ़ती है, तो इससे न सिर्फ आपूर्ति स्थिर रहेगी, बल्कि देश का बड़ा हिस्सा विदेशों में जाने से भी बचेगा।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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