जीवनशैली
एक घंटा पहले
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अगर आप जून के महीने में अपनी छत या गमलों में सब्जियां उगाने की सोच रहे हैं, तो कुछ तेजी से बढ़ने वाली सब्जियां आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती हैं। ये पौधे कम जगह में आसानी से पनप जाते हैं और करीब 30 दिनों में तैयार होकर ताजी सब्जियां देना शुरू कर देते हैं। इन्हें लगाकर आप लंबे समय तक घर की उगाई ताजी सब्जियों का मजा ले सकते हैं और बाजार पर निर्भरता भी कम कर सकते हैं।
घर पर ऑर्गेनिक खेती की शुरुआत
अगर आपको रोजाना सब्जी-भाजी खरीदने के लिए बाजार जाना पड़ता है और आप घर पर ही ऑर्गेनिक तरीके से सब्जियां उगाना चाहते हैं, तो जून के महीने में आप कुछ खास पौधे लगा सकते हैं। इनमें भिंडी, गिल्की, लौकी, मिर्ची, कोटमीर और पालक शामिल हैं। ये पौधे करीब 40 दिन में सब्जी देना शुरू कर देते हैं और इन्हें ज्यादा पानी की भी जरूरत नहीं होती।
दिन में सिर्फ एक बार पानी देने से भी इन पौधों की ग्रोथ अच्छी होती है और ये बेहतर उत्पादन देते हैं। महज ₹1000 खर्च करके आप दो महीने तक अपने घर पर सब्जी-भाजी तैयार कर सकते हैं।
कृषि अधिकारी की सलाह
जब लोकल टीम ने कृषि अधिकारी मनोहर सिंह देवके से बात की, तो उन्होंने बताया कि अगर आप जून के महीने में अपनी छत पर सब्जी-भाजी के पौधे लगाना चाहते हैं, तो ये चार-पांच तरह की सब्जियां सबसे अच्छी मानी जाती हैं। ये सब्जियां छत पर रखे गमलों में भी आसानी से उग जाती हैं और दो महीने तक आपको बाजार से सब्जी लाने की जरूरत नहीं पड़ती।
उन्होंने बताया कि आप इन्हें दो महीने तक तोड़ सकते हैं, जिससे दो महीने में आपकी 15 से ₹20000 तक की बचत हो जाती है, जबकि इतनी सब्जी तैयार करने में मात्र ₹1000 का खर्च आता है।
कौन-कौन सी सब्जियां लगाएं
अगर आप अपने घर की छत पर सब्जी-भाजी लगाने जा रहे हैं, तो उसमें भिंडी, गिलकी, लौकी, करेला, मिर्ची, कोटमीर और पालक लगा सकते हैं। ये ऐसी सब्जियां हैं जो गमले में भी आसानी से लग जाती हैं और इनकी बेलों को छत पर लकड़ियां बांधकर फैलाया जा सकता है, जिन पर फल लगना शुरू हो जाते हैं। ये सब्जियां 30 दिन में आना शुरू हो जाती हैं।
इन दो बातों का रखें ध्यान
इसके लिए आपको सिर्फ दो बातों का ध्यान रखना है। पहली, अच्छे बीजों का चयन करें और दूसरी, ऑर्गेनिक तरीके से घर पर गोबर से तैयार खाद डालें। इससे आपको रोजाना खाने के लिए ऑर्गेनिक सब्जी मिलेगी और दो महीने में 15 से ₹20000 तक की बचत भी हो जाएगी।
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