फैटी लिवर और अनियंत्रित SGPT-GGPT का क्या है इलाज? इन आदतों से सुधारें लिवर की सेहत स्वास्थ्य एक घंटा पहले 8
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए जीवनशैली में बड़े बदलाव जरूरी हैं। जानें किन खाद्य पदार्थों और आदतों को अपनाकर आप फैटी लिवर के साथ बढ़े हुए SGPT और GGPT के स्तर को नियंत्रित कर सकते हैं।

लिवर की सेहत और जीवनशैली का कनेक्शन

हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण और विशाल अंग लिवर है, जो स्वास्थ्य बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाता है। वर्तमान समय में भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब जीवनशैली के कारण लिवर से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, विशेष रूप से बड़े शहरों में फैटी लिवर का खतरा काफी ज्यादा देखा जा रहा है। इसे नजरअंदाज करना घातक हो सकता है क्योंकि समय के साथ यह स्थिति गंभीर रूप ले लेती है। गैस्ट्रोलॉजिस्ट सौरभ सेठी के अनुसार, अत्यधिक शराब का सेवन, वसायुक्त भोजन और शारीरिक गतिविधियों की कमी सीधे तौर पर लिवर की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है। जब आप अपना लिवर फंक्शन टेस्ट करवाते हैं, तो अक्सर SGPT और GGPT जैसे एंजाइम्स का स्तर बढ़ा हुआ मिलता है, जो फैटी लिवर का संकेत हो सकता है। यदि आप अपने लिवर को दोबारा स्वस्थ बनाना चाहते हैं, तो अपनी खान-पान की आदतों और दिनचर्या में तुरंत बदलाव करना जरूरी है।

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये उपाय

फाइबर युक्त आहार का सेवन करें: लिवर की कार्यप्रणाली को दुरुस्त रखने में फाइबर सबसे प्रभावी माना जाता है। अपनी रोजाना की थाली में फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें। अधिक मात्रा में सलाद का सेवन करने से पाचन तंत्र बेहतर रहता है और वजन भी नियंत्रित होता है। फाइबर शरीर को डिटॉक्स करने और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे लिवर पर अतिरिक्त दबाव कम होता है।

तेल और मसालों का त्याग करें: लिवर पर सबसे बुरा प्रभाव अत्यधिक तेल और तीखे मसालों का पड़ता है। इसलिए, अपनी डाइट से तली-भुनी और अत्यधिक ऑयली चीजों को दूर रखना ही बेहतर है। उबला हुआ या भुना हुआ भोजन लेने की आदत डालें। पूरी और पराठों के सेवन में कटौती करें और सब्जी बनाते समय तेल का उपयोग न्यूनतम रखें।

पर्याप्त पानी का सेवन: लिवर को सुचारू रूप से चलाने के लिए शरीर में पानी का पर्याप्त स्तर होना अनिवार्य है। दिनभर में कम से कम 8 गिलास पानी पीने का लक्ष्य रखें। पानी पीने से शरीर प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स होता है और हानिकारक पदार्थ यूरिन के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाते हैं।

नियमित व्यायाम का महत्व: स्वस्थ शरीर के लिए डाइट के साथ-साथ वर्कआउट करना भी उतना ही आवश्यक है। लिवर के लिए फैट सबसे बड़ा दुश्मन है, जिसे हटाने के लिए शारीरिक मेहनत जरूरी है। हर दिन कम से कम 40 से 45 मिनट की सघन एक्सरसाइज जरूर करें। भोजन करने के बाद सैर करने की आदत डालें, जिससे लिवर लंबे समय तक स्वस्थ बना रहेगा।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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