बस्तर दशहरा के बीच रेल सेवाओं पर भूस्खलन की मार, 6 ट्रेनें रद्द और होटल कारोबार हुआ सुस्त छत्तीसगढ़ 4 घंटे पहले 14
ओडिशा में भीषण भूस्खलन के चलते किरंदुल-विशाखापट्टनम रेल मार्ग बाधित होने से बस्तर में पर्यटन पर गहरा असर पड़ा है। ट्रेनें रद्द होने से होटल खाली हैं और दशहरा देखने आने वाले पर्यटकों ने अपनी यात्राएं रद्द कर दी हैं।

ओडिशा में कुदरती आपदा से ठप हुआ रेल यातायात

छत्तीसगढ़ के बस्तर में मनाए जा रहे विश्व प्रसिद्ध दशहरा उत्सव के उत्साह के बीच एक बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। ओडिशा में हुई भारी बारिश के कारण मिल्ली गुडा और छतरिपुट रेलवे स्टेशनों के मध्य पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और मिट्टी रेलवे ट्रैक पर आ गई है। कई स्थानों पर पटरियों के नीचे से जमीन खिसकने के कारण किरंदुल-विशाखापट्टनम रेल रूट पर आवाजाही पूरी तरह से थम गई है। इस आपदा का सीधा असर बस्तर की कुल 6 ट्रेनों पर पड़ा है जिन्हें सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिया गया है।

पर्यटकों ने रद्द की अपनी यात्राएं

बस्तर दशहरा का पर्व न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटकों को आकर्षित करता है। हर साल दशहरा देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक दूसरे राज्यों से यहां पहुंचते हैं, लेकिन ट्रेनों के अचानक रद्द होने से उनकी पूरी योजना गड़बड़ा गई है। सबसे ज्यादा असर उन पर्यटकों पर पड़ा है जो कोलकाता और अन्य दूरदराज के क्षेत्रों से ट्रेन के जरिए आने वाले थे। बुकिंग के रद्दीकरण से बस्तर में पर्यटन गतिविधियों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

होटल उद्योग को लगा बड़ा आर्थिक झटका

दशहरा का समय बस्तर के होटल व्यवसायियों के लिए कमाई का सबसे महत्वपूर्ण सीजन माना जाता है। अमूमन इन दिनों में होटलों में एक भी कमरा खाली नहीं मिलता, लेकिन इस बार नजारा बिल्कुल विपरीत है। होटल संचालकों का कहना है कि न केवल पुरानी बुकिंग रद्द हो रही हैं, बल्कि नई बुकिंग के लिए भी कोई पूछताछ नहीं आ रही है।

गौरव होटल के मैनेजर विकास त्रिवेदी ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि दशहरा के दौरान आमतौर पर कमरों की भारी मांग रहती है, लेकिन ट्रेनों के संचालन बंद होने के कारण होटलों के कमरे खाली पड़े हैं। इसी तरह पंकज होटल के मैनेजर प्रेम नाथ पांडे ने बताया कि स्थिति कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ दिन पहले तक उन्हें रोजाना 8 से 10 फोन कॉल बुकिंग के लिए आते थे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। अब अधिकतर कॉल बुकिंग रद्द कराने के लिए आ रहे हैं, जिससे पिछले वर्षों की तुलना में कारोबार पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

प्रशासन और यात्रियों के लिए चुनौती

रेलवे ट्रैक की बहाली का कार्य प्राथमिकता पर है, लेकिन जब तक यातायात सामान्य नहीं होता, तब तक बस्तर आने वाले पर्यटकों की संख्या में कोई सुधार की उम्मीद कम है। स्थानीय व्यापारियों और पर्यटकों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, क्योंकि इस विशेष अवसर पर सुविधाओं का अभाव पर्यटन अर्थव्यवस्था को बड़ी चोट पहुंचा रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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