गेहूं-धान में मुनाफा नहीं? तो शुरू करें बागवानी, खर्च उठाएगी सरकार, जानें पूरी प्रक्रिया उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 43
गेहूं और धान में बढ़ती लागत और घटते मुनाफे से परेशान किसान अब फलों की बागवानी की ओर बढ़ रहे हैं। एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत पात्र किसानों को सरकार आर्थिक सहायता दे रही है, जिसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है।

गेहूं और धान की खेती में लगातार बढ़ती लागत और घटती पैदावार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि अब बड़ी संख्या में किसान नकदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं और कई किसानों ने फलों की बागवानी शुरू कर दी है। इस दिशा में सरकार भी किसानों की मदद के लिए आगे आई है और उद्यान विभाग की ओर से बागवानी करने वाले किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है।

अगर आप भी फलों की बागवानी करना चाहते हैं तो यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी है। आइए समझते हैं कि बागवानी के लिए सरकार कितना अनुदान दे रही है, इसके लिए क्या पात्रता जरूरी है और किन दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ेगी।

एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत मिला लक्ष्य

सुल्तानपुर के जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह बताते हैं कि उद्यान विभाग की ओर से संचालित एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत साल 2026-27 के लिए जिले को फल, फूल और सब्जी उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इस योजना के तहत लघु और सीमांत किसानों को बागवानी के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और ऐसे किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

इसके लिए विभाग ने मानक तय किए हैं। एक हेक्टेयर क्षेत्र में फल, पुष्प अथवा सब्जी की खेती करने वाले पात्र किसानों को फसल के प्रकार के आधार पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

परंपरागत खेती से हटकर बेहतर विकल्प

वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक पवन सिंह के अनुसार, किसान परंपरागत खेती से हटकर फूल, पुष्प और सब्जियों की खेती की ओर बढ़ें, इसके लिए उद्यान विभाग उन्हें लगातार प्रेरित कर रहा है। उनका कहना है कि फल, फूल और सब्जी की खेती एक अच्छा विकल्प है, जिसमें कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती की ओर बढ़ावा देना है।

कैसे करें आवेदन और क्या है प्रक्रिया

जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को उद्यान विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। इसके साथ ही ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध है।

जरूरी दस्तावेज

  • भूमि की खतौनी और खसरा
  • बैंक पासबुक की फोटो कॉपी
  • आधार कार्ड की फोटो कॉपी
  • आवेदक की फोटो

अधिक जानकारी के लिए किसान सीधे जिला उद्यान कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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