रोज की थाली में छिपे ये फूड्स बनाते हैं पित्त की थैली में पथरी, नौबत आ सकती है सर्जरी तक जीवनशैली एक महीने पहले 18
गॉलब्लैडर की पथरी अचानक नहीं बनती, बल्कि रोजाना या अधिक मात्रा में खाए जाने वाले अनहेल्दी खानपान का नतीजा होती है। समय रहते आहार पर ध्यान देकर इस परेशानी और महंगे ऑपरेशन से बचा जा सकता है।

पित्ताशय यानी गॉलब्लैडर शरीर का एक छोटा-सा अंग है, जो लिवर के नीचे मौजूद रहता है। इसका मुख्य काम पित्त (बाइल) को जमा करना और जरूरत के समय छोटी आंत में छोड़ना होता है। यही पित्त भोजन में मौजूद वसा (फैट) को पचाने में मदद करता है। जब पित्त में मौजूद कुछ तत्व धीरे-धीरे सख्त होने लगते हैं, तो वे ठोस रूप ले लेते हैं और इसे ही पित्ताशय की पथरी या गॉलब्लैडर स्टोन कहा जाता है।

शुरुआत में नहीं दिखते कोई खास लक्षण

गॉलब्लैडर स्टोन की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि शुरुआती चरण में यह आमतौर पर कोई स्पष्ट संकेत नहीं देती। कई लोगों को इसका पता तब तक नहीं चल पाता, जब तक पथरी आकार में बड़ी न हो जाए या तेज दर्द शुरू न हो जाए। ऐसी स्थिति में अक्सर ऑपरेशन की नौबत आ जाती है, जिसका खर्च भी काफी अधिक होता है।

क्यों जरूरी है खानपान पर ध्यान देना

यह समस्या किसी एक दिन में पैदा नहीं होती, बल्कि लंबे समय तक रोजाना या अधिक मात्रा में गलत और अनहेल्दी खाना खाने का परिणाम होती है। यही वजह है कि समय रहते अपने आहार पर ध्यान देना बेहद जरूरी है, क्योंकि कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जो सीधे तौर पर पथरी बनने की प्रक्रिया को बढ़ावा देने का काम करते हैं।

अगर आप चाहते हैं कि भविष्य में सर्जरी जैसी स्थिति से बचा जा सके, तो ऐसे फूड्स की पहचान करना और उनसे परहेज करना सबसे समझदारी भरा कदम है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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