गुर्दे की पथरी में लापरवाही पड़ सकती है भारी, कैंसर तक का बन सकती है कारण, जानें विशेषज्ञ की राय जीवनशैली 2 घंटे पहले 2
गुर्दे में पथरी आजकल आम समस्या बनती जा रही है और इसमें जरा-सी असावधानी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है। एक सर्जन ने बचाव के तरीके और सावधानियां साझा की हैं।

आजकल बड़ी संख्या में लोग गुर्दे में पथरी की शिकायत से जूझ रहे हैं और इस मामले में की गई छोटी-सी लापरवाही उनके लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार समय रहते ध्यान न देने पर यह समस्या कैंसर जैसी गंभीर बीमारी तक पहुंच सकती है। प्रेमा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सर्जन डॉ. अरशद ने इस विषय पर कुछ अहम जानकारी साझा करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

खान-पान की अनदेखी बन रही पथरी की वजह

डॉ. अरशद ने बताया कि बीते समय की तुलना में अब गुर्दे में पथरी के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि लोग सही तरीके से यह नहीं समझ पाते कि उन्हें अपनी जीवनशैली कैसी रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पहले लोग जांच कम कराते थे, लेकिन अब जांच का दायरा बढ़ने से यह समस्या ज्यादा सामने आ रही है।

उनके अनुसार पानी कम पीना पथरी की सबसे बड़ी वजह बनकर उभर रहा है, क्योंकि शरीर में पानी की कमी पथरी का कारण बन सकती है। खान-पान पर ध्यान न देना भी गुर्दे में पथरी का एक प्रमुख कारण है। यदि व्यक्ति अपने भोजन और पानी के सेवन का ध्यान रखे, तो पथरी की आशंका काफी हद तक टाली जा सकती है।

छोटी लापरवाही बढ़ा सकती है परेशानी

डॉ. अरशद के मुताबिक यदि गुर्दे की पथरी से बचना है तो दिन में कम से कम दो से तीन लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। जिन्हें पहले से पथरी की शिकायत है, उन्हें अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए ताकि पानी के सहारे पथरी आसानी से शरीर से बाहर निकल सके।

उन्होंने आगाह किया कि गुर्दे की पथरी कैंसर जैसी घातक बीमारी का रूप भी ले सकती है। यदि पथरी किडनी से निकलकर यूरेटर में जाकर फंस जाए तो समस्या और बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में चाहे दूरबीन विधि हो या कोई अन्य तरीका, सर्जरी ही एकमात्र विकल्प बच जाता है। इस बीमारी में थोड़ी-सी असावधानी बरतने पर व्यक्ति कैंसर जैसी बीमारी से भी जूझ सकता है।

समय पर ध्यान न दिया तो खराब हो सकती है किडनी

विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर पथरी का पता शुरुआती लक्षणों में ही चल जाए और सही समय पर इलाज शुरू कर दिया जाए, तो दवाओं और पानी के माध्यम से पथरी आसानी से निकल जाती है। लेकिन यदि पथरी का आकार 7 mm से अधिक हो जाए, तो ऐसी स्थिति में सर्जरी ही एकमात्र सहारा रह जाता है।

उन्होंने सलाह दी कि पथरी से ग्रस्त लोगों को खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए और कुछ खट्टे फलों का सेवन करना चाहिए। इस दौरान हरी सब्जी और टमाटर आदि से परहेज करना चाहिए, क्योंकि ये समस्या को और बढ़ा सकते हैं। एक छोटी-सी लापरवाही किडनी को खराब करने तक की नौबत ला सकती है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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