सलमान रुश्दी पर हमला: दोषी ठहराया गया हादी मतर, हिज्बुल्लाह के साथ संबंध और कट्टरपंथ का हुआ खुलासा विश्व एक घंटा पहले 4
प्रसिद्ध लेखक सलमान रुश्दी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अमेरिकी कोर्ट ने हादी मतर को दोषी करार दिया है। जांच में सामने आया है कि मतर का ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह संगठन से गहरा कनेक्शन था और वह उनकी हिंसक विचारधारा से प्रेरित था।

सलमान रुश्दी पर हमले में हादी मतर दोषी

प्रसिद्ध लेखक सलमान रुश्दी पर साल 2022 में न्यूयॉर्क में हुए चाकू से हमले के मामले में एक बड़ा फैसला सामने आया है। अमेरिकी अदालत ने इस घटना के मुख्य आरोपी को संघीय आतंकवाद से जुड़ी विभिन्न धाराओं में दोषी पाया है। यह हमला पूरी दुनिया के साहित्य जगत के लिए एक बड़ा झटका था, जिसे अब कानून की भाषा में आतंकवाद के रूप में दर्ज किया गया है।

कौन है हादी मतर और क्या हैं आरोप

न्यूयॉर्क के बफेलो में स्थित फेडरल जजों के एक पैनल ने बीते बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए न्यू जर्सी के फेयरव्यू निवासी 28 वर्षीय हादी मतर को दोषी करार दिया है। अदालत द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार हादी मतर ने निम्नलिखित अपराधों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है:

  • आतंकवादी संगठन हिज्बुल्लाह को सहायता प्रदान करने का प्रयास करना।
  • राष्ट्रीय सीमाओं के पार जाकर आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देना।
  • आतंकवादियों को हर संभव सहायता और संसाधन उपलब्ध कराना।

अदालत की कार्यवाही में यह स्पष्ट किया गया कि हादी मतर ने न केवल इस कृत्य की योजना बनाई, बल्कि इसे सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए एक विदेशी आतंकवादी संगठन का सहारा लिया, जिसे आधिकारिक तौर पर प्रतिबंधित किया गया है।

अमेरिका में पले-बढ़े, फिर भी हुए कट्टर

यह मामला इसलिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि हादी मतर का जन्म और पालन-पोषण पूरी तरह से अमेरिका में ही हुआ था। न्यूयॉर्क के वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट के लिए नियुक्त अमेरिकी अटॉर्नी माइकल डीजियाकोमो ने इस विषय पर कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, अमेरिका की धरती पर पैदा होने और यहीं की संस्कृति में पले-बढ़े होने के बावजूद हादी मतर ने ईरान के उन कट्टरपंथी नेताओं की विचारधारा को अपना लिया, जो खुलेआम हिंसा को बढ़ावा देते हैं। यही विचारधारा सलमान रुश्दी की हत्या की मांग करती रही है। मतर का मामला यह दिखाता है कि कैसे इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में कट्टरपंथी एजेंडा सीमाएं लांघकर युवाओं के दिमाग में जहर घोल रहा है।

हिज्बुल्लाह से जुड़ाव का बड़ा खुलासा

कानूनी दस्तावेजों और जांच रिपोर्टों से पता चलता है कि हादी मतर केवल एक अकेला हमलावर नहीं था, बल्कि उसके पीछे एक व्यवस्थित वैचारिक तंत्र काम कर रहा था। ईरान द्वारा समर्थित हिज्बुल्लाह के प्रति उसकी निष्ठा ने इस पूरे मामले को एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश में बदल दिया है। हालांकि हादी मतर का यह कृत्य एक व्यक्ति द्वारा किया गया हमला लग सकता है, लेकिन जजों के पैनल ने इसे स्पष्ट रूप से अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद की श्रेणी में रखा है। यह फैसला उन सभी लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो किसी विदेशी संगठन के इशारे पर अपनी ही मिट्टी में रहकर हिंसा फैलाते हैं।

मामले की संवेदनशीलता और आगे की राह

सलमान रुश्दी पर हुआ वह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं था, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी और साहित्यिक स्वतंत्रता पर एक सीधा वार था। अमेरिकी न्यायिक प्रणाली ने जिस तरह से इस मामले को आतंकवाद के कोण से देखा है, वह सुरक्षा एजेंसियों की गहरी जांच का परिणाम है। अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद अब सजा की मात्रा पर फैसला आना बाकी है। वहीं, जांच एजेंसियां अब उन नेटवर्क के बारे में और अधिक जानकारी जुटाने में लगी हैं, जिन्होंने मतर जैसे युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का काम किया है। इस पूरे प्रकरण ने अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा और कट्टरपंथ के खिलाफ जारी संघर्ष को एक बार फिर से सुर्खियों में ला खड़ा किया है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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