जीवनशैली
2 घंटे पहले
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विचारों
देसी मेंहदी के फायदे
आजकल के भागदौड़ भरे दौर में बालों की खूबसूरती बनाए रखने के लिए हम महंगे केमिकल वाले हेयर प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं। हालांकि, इनमें मौजूद हानिकारक तत्व बालों को जड़ों से कमजोर बना देते हैं। बघेलखंड में रहने वाली 88 वर्षीय सरला तिवारी का मानना है कि घर के आंगन में उगी ताजी मेंहदी ही बालों की असली सेहत के लिए सबसे बेहतर है। उनका अनुभव बताता है कि ताजी पत्तियों के इस्तेमाल से बाल लंबे समय तक काले और घने बने रहते हैं।
पेस्ट तैयार करने की विधि
शुद्ध मेंहदी का पेस्ट बनाना बहुत ही सरल है और इसके लिए आपको किसी विशेषज्ञ की जरूरत नहीं है। इस प्रक्रिया को ऐसे अपनाएं:
- सबसे पहले अपने बगीचे या आंगन के मेंहदी के पौधे से ताजी हरी पत्तियां तोड़ें।
- इन पत्तियों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि धूल और गंदगी निकल जाए।
- मिक्सी या पारंपरिक सिलबट्टे का उपयोग करते हुए, थोड़ा सा पानी मिलाकर इनका बारीक और गाढ़ा पेस्ट बना लें।
- दस्ताने पहनकर इस पेस्ट को अपने बालों की जड़ों से लेकर अंतिम छोर तक अच्छी तरह लगाएं।
- इसे 2 से 3 घंटे तक बालों में लगा रहने दें और फिर केवल सादे पानी से धो लें। ध्यान रहे कि इसके तुरंत बाद शैम्पू का प्रयोग न करें।
केमिकल डाई और नेचुरल मेंहदी में अंतर
बाजार में बिकने वाली पैकेटबंद मेंहदी में अक्सर अमोनिया और अन्य खतरनाक रसायन मिले होते हैं। ये रसायन न केवल बालों को रूखा और बेजान बनाते हैं, बल्कि स्कैल्प में एलर्जी और समय से पहले बाल सफेद होने का कारण भी बन सकते हैं। इसके विपरीत, घर पर तैयार की गई मेंहदी बालों को डीप कंडीशनिंग देती है और स्कैल्प को ठंडक पहुंचाती है, जो मानसिक शांति में भी सहायक है।
डैंड्रफ और खुजली से छुटकारा
अक्सर डैंड्रफ और सिर की खुजली दूर करने के लिए दही या नींबू जैसे घरेलू उपाय काम नहीं आते, वहां यह देसी मेंहदी बेहद कारगर साबित होती है। इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण स्कैल्प की खुजली को तुरंत शांत करते हैं और डैंड्रफ को जड़ से समाप्त करने में मदद करते हैं। यदि आप अपने बालों को असली कुदरती निखार देना चाहते हैं, तो केमिकल युक्त उत्पादों से दूरी बनाकर इस पारंपरिक तरीके को आजमाना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
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