हार्ट अटैक के शुरुआती संकेतों को न करें नजरअंदाज, गैस समझकर गलती करना पड़ सकता है भारी जीवनशैली एक घंटा पहले 2
अक्सर लोग दिल का दौरा पड़ने के लक्षणों को सामान्य गैस या एसिडिटी मान लेते हैं, जो जानलेवा हो सकता है। फरीदाबाद के विशेषज्ञ डॉक्टर ने हार्ट अटैक के जरूरी लक्षणों और बचाव के तरीके बताए हैं।

गैस और हार्ट अटैक के बीच का अंतर

अक्सर लोग सीने में होने वाली बेचैनी को सामान्य गैस या एसिडिटी समझकर टाल देते हैं, लेकिन यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। फरीदाबाद के जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आशीष कुमार के अनुसार, शरीर हार्ट अटैक से पहले कई तरह के संकेत देता है जिन्हें समझना हर किसी के लिए जरूरी है। उनका कहना है कि हर बार सीने में होने वाला दर्द केवल गैस की समस्या नहीं होता है।

हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण

डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि हार्ट अटैक की स्थिति में शरीर कुछ खास चेतावनी देता है। इन संकेतों को समय पर पहचानना जरूरी है:

  • सीने में तेज दर्द या दबाव महसूस होना, जो शरीर का सबसे आम लक्षण है।
  • करीब 90 फीसदी मरीजों में सबसे पहला लक्षण छाती में दर्द ही देखा जाता है।
  • दर्द का दायरा केवल छाती तक सीमित न रहकर कंधे, हाथ या पेट के ऊपरी हिस्से तक फैल सकता है।
  • सांस फूलना, अचानक घबराहट होना और शरीर से बहुत ज्यादा पसीना निकलना खतरे की घंटी हो सकते हैं।
  • कुछ मामलों में मरीजों के पैरों में सूजन भी देखी गई है।

महिलाओं में अलग तरह के लक्षण

हार्ट अटैक की स्थिति सभी मरीजों में एक जैसी नहीं होती है। विशेष रूप से महिलाओं में यह देखा गया है कि उन्हें बिना सीने में दर्द के भी हार्ट अटैक आ सकता है। इसलिए किसी भी प्रकार की शारीरिक असामान्यता को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

दिल को स्वस्थ रखने के उपाय

डॉक्टर ने स्पष्ट किया है कि एक स्वस्थ जीवनशैली ही दिल को सुरक्षित रखने का एकमात्र तरीका है। इसके लिए कुछ बुनियादी बातों का पालन करना आवश्यक है:

  • धूम्रपान को पूरी तरह से अपनी जीवनशैली से बाहर कर दें।
  • शराब के सेवन से बचें, क्योंकि इसकी थोड़ी सी मात्रा भी स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं मानी जाती है।
  • नियमित रूप से अपनी दिनचर्या में सुधार करें ताकि हृदय रोगों के जोखिम को कम किया जा सके।
अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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