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एक महीने पहले
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प्रतिशोध की आग में झुलसा ईरान
ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष एक नई और खतरनाक दिशा में मुड़ गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के शीर्ष कमांडर ने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने की शपथ ली है। इस प्रतिशोध की बात करते हुए कमांडर ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका और इज़राइल को इस कायरतापूर्ण कृत्य का माकूल जवाब दिया जाएगा। ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी ने कहा है कि न्याय सुनिश्चित करना और बच्चों की जान लेने वाली अमेरिकी सेना को दंडित करना अब ईरान का प्राथमिक लक्ष्य है।
चार महीने बाद हुआ अंतिम संस्कार
कमांडर अहमद वाहिदी ने सिपाह समाचार एजेंसी के माध्यम से एक तीखा बयान जारी किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस्लामी क्रांति के दुश्मन यह समझ लें कि इस हत्या से वे प्रतिरोध की भावना को खत्म नहीं कर सकते। अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के चार सदस्यों की मौत अमेरिकी-इज़राइली हवाई हमलों के दौरान हुई थी। उन हमलों के लगभग चार महीने बीत जाने के बाद, गुरुवार को खामेनेई को उनके पैतृक शहर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। वाहिदी के अनुसार, अपराधियों को सजा दिलाना एक ऐसी मांग है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
ईरान में हमलों का सिलसिला और अनिश्चितता
तनाव का आलम यह है कि ईरान में पिछले कुछ दिनों से लगातार धमाकों की खबरें आ रही हैं। अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद से यह सबसे तीव्र हमले माने जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के 90 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनमें राजधानी तेहरान, मशहद और होर्मुज़ जलडमरूमध्य का इलाका मुख्य रूप से शामिल है।
रहस्यमय हमलों से बढ़ा डर
गुरुवार को बुशहर शहर में स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र के बाहरी क्षेत्रों को भी हमलों का निशाना बनाया गया। हालांकि अमेरिका ने कुछ हमलों की जिम्मेदारी ली है, लेकिन अन्य घटनाओं पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उदाहरण के लिए, कोनारक में स्थित सैन्य साइट पर दो बार हमले हुए और उसके बाद बुशहर की एक अन्य सैन्य साइट को निशाना बनाया गया। ईरान ने इन हमलों के लिए दुश्मन ताकतों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि अमेरिका ने इन विशिष्ट हमलों में अपनी भागीदारी से इनकार किया है। इन विरोधाभासी बयानों के बाद से स्थिति पूरी तरह से शांत और तनावपूर्ण बनी हुई है।
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