हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव, जेडी वेंस ने बताया शांति समझौता क्यों टूटा विश्व एक घंटा पहले 3
ईरान और अमेरिका के बीच हॉर्मुज में जहाजों पर हमले और उसके बाद अमेरिकी पलटवार को लेकर जेडी वेंस ने खुलकर अपनी बात रखी है।

ईरान के साथ शांति वार्ता और गोलाबारी का सच

ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर है और दोनों देशों के बीच गोलाबारी का दौर शुरू हो गया है। हाल ही में ईरान द्वारा हॉर्मुज में जहाजों पर हमला करने के बाद अमेरिका ने आक्रामक रुख अपनाते हुए ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया है। इस पूरे घटनाक्रम और ईरान के साथ शांति स्थापित करने की विफल कोशिशों पर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आखिर किन कारणों से ईरान के साथ शांति की उम्मीदें धूमिल होती दिख रही हैं।

गोलाबारी ने तोड़ी शांति की उम्मीद

जेडी वेंस का कहना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है और उनकी पारंपरिक सैन्य क्षमता को भी काफी हद तक कमजोर किया गया है। शांति वार्ता का मुख्य आधार यह था कि यदि ईरान जहाजों पर हमले और गोलाबारी बंद कर देता है, तो अमेरिका अपनी नाकेबंदी हटा लेगा। वेंस ने कहा कि यह समझौता बिल्कुल सरल था, लेकिन पिछले 24 घंटों में ईरान ने फिर से जहाजों पर गोलाबारी शुरू कर दी है। वेंस के अनुसार, यदि ईरान जहाजों पर बम और गोले बरसाएगा, तो अमेरिका अब पहले की तुलना में कहीं अधिक शक्तिशाली और जोरदार पलटवार करेगा।

हॉर्मुज मार्ग को खुला रखना अमेरिका की प्राथमिकता

अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बहुत ही स्पष्ट संदेश दिया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz हर हाल में खुला रहना चाहिए। इसका सीधा अर्थ यह है कि अमेरिका और दुनिया भर में तेल और गैस की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और ईरान को यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए। वेंस ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान इस मार्ग को बंद करने की कोई भी कोशिश करता है, तो अमेरिकी सेना इसका करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि ईरान के पास इसे स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, अन्यथा उन्हें कल रात जैसी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

ईरान की सैन्य क्षमता को लगातार किया जा रहा कमजोर

यूएस सेंट्रल कमांड फोर्सेस के अनुसार, अमेरिकी सेना प्रमुख के सख्त निर्देशों के बाद हॉर्मुज में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए ईरान पर नए हमले किए जा रहे हैं। अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को पूरी तरह खत्म करना है, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में जहाजों को नुकसान पहुँचा सकते हैं। अमेरिका इन हमलों के लिए पूरी तरह ईरान को जिम्मेदार मान रहा है और उन्हें जवाबदेह ठहराने के लिए अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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