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2 घंटे पहले
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बदलते मौसम में त्वचा संबंधी समस्याओं का बढ़ता प्रकोप
इस समय गर्मी का मौसम अपने चरम पर है और बीच-बीच में हो रही बरसात के कारण वातावरण में उमस बढ़ गई है। मौसम के इस बदलते मिजाज के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी कई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। वर्तमान में बड़ी संख्या में लोग अपने शरीर पर दाने निकलने की समस्या से परेशान हैं। ये दाने शुरुआत में बहुत छोटे होते हैं, लेकिन अनदेखी करने पर ये तेजी से अपना आकार बढ़ा लेते हैं और गंभीर फोड़े-फुंसी का रूप ले लेते हैं। यह स्थिति न केवल दर्दनाक होती है, बल्कि व्यक्ति की दिनचर्या को भी बुरी तरह प्रभावित करती है।
डॉक्टर का क्या कहना है
केसरी राज हॉस्पिटल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुमंत कुमार गुप्ता ने इस विषय पर विस्तार से जानकारी दी है। उनके अनुसार, गर्मी और बरसात के मिले-जुले मौसम में त्वचा के संक्रमण के मामले काफी अधिक बढ़ जाते हैं। डॉक्टर गुप्ता बताते हैं कि इस दौरान फंगल इन्फेक्शन और बैक्टीरियल इन्फेक्शन सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं। छोटी सी लापरवाही के कारण शरीर पर हुए मामूली दाने बड़े घाव या फोड़े में बदल सकते हैं, जो आगे चलकर स्वास्थ्य के लिए और भी ज्यादा जटिलताएं पैदा कर देते हैं।
क्यों बनते हैं दाने और फोड़े
डॉक्टर सुमंत कुमार गुप्ता ने दाने होने की वैज्ञानिक वजह भी स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में शरीर से अत्यधिक पसीना निकलता है। इस पसीने के कारण त्वचा की तेल ग्रंथियों से स्राव अधिक होता है और बाहर की गंदगी रोम छिद्रों में जमा हो जाती है। जब ये रोम छिद्र पूरी तरह बंद हो जाते हैं, तो अंदर का तेल बाहर नहीं निकल पाता। यही प्रक्रिया छोटे दानों का आधार बनती है, जो बाद में बैक्टीरियल संक्रमण की वजह से फोड़े और फुंसी में परिवर्तित हो जाते हैं। गिला शरीर इस तरह के संक्रमण के लिए सबसे अनुकूल जगह होता है, इसलिए लंबे समय तक पसीने या पानी में रहना खतरनाक हो सकता है।
संक्रमण से बचने के उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यदि आप इन कष्टदायक समस्याओं से बचना चाहते हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखें:
- सूती कपड़ों का चयन करें: गर्मी के मौसम में हमेशा सूती या हल्के कपड़े पहनें, जो पसीने को सोख सकें और हवा का संचार बनाए रखें।
- शरीर को रखें सूखा: यदि शरीर पर अत्यधिक पसीना आए, तो उसे तुरंत साफ करें। शरीर को लंबे समय तक गिला न रहने दें, क्योंकि नमी फंगल इन्फेक्शन को बढ़ावा देती है।
- पानी का पर्याप्त सेवन: शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए दिन भर में खूब पानी पिएं।
- पौष्टिक आहार: अपने भोजन में हरी सब्जियों को अनिवार्य रूप से शामिल करें, ताकि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे।
सावधानी ही बचाव है
बैक्टीरियल इन्फेक्शन की प्रकृति बहुत संक्रामक होती है, इसलिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। डॉक्टर गुप्ता के अनुसार, ये फोड़े-फुंसी एक व्यक्ति के संपर्क से दूसरे तक आसानी से फैल सकते हैं। अतः विशेष ध्यान रखें कि यदि घर में किसी सदस्य को यह समस्या है, तो उनकी व्यक्तिगत चीजों का इस्तेमाल न करें। रोगी के इस्तेमाल किए गए कपड़ों को अलग रखें और उन्हें पहनने से पहले अच्छी तरह गर्म पानी में धोएं। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए साफ-सफाई के नियमों का कड़ाई से पालन करना ही एकमात्र प्रभावी तरीका है। यदि समस्या अधिक बढ़ जाए, तो बिना देरी किए किसी अनुभवी चिकित्सक से परामर्श लेना ही सबसे उचित कदम होगा।
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