दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन प्रक्रिया शुरू: सीबीएसई छात्रों को मिली बड़ी राहत, जानें पूरी गाइडलाइन शिक्षा एक महीने पहले 74
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने एकेडमिक सेशन 2026-27 के लिए अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। रिवैल्यूएशन का इंतजार कर रहे सीबीएसई छात्रों के लिए भी विश्वविद्यालय ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला प्रक्रिया की शुरुआत

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने आधिकारिक रूप से एकेडमिक सेशन 2026-27 के लिए अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में दाखिले की प्रक्रिया का आगाज कर दिया है। विश्वविद्यालय ने अपने विभिन्न स्नातक कोर्सेज के लिए रजिस्ट्रेशन पोर्टल को सक्रिय कर दिया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के अधीन आने वाले कुल 67 कॉलेजों में 73 विभिन्न कोर्सेज और सौ से अधिक बीए प्रोग्राम में छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। इस सत्र में एडमिशन की पूरी प्रक्रिया सीयूईटी (यूजी)- 2026 में प्राप्त अंकों के आधार पर ही संपन्न होगी। छात्रों के लिए यह जरूरी है कि वे यूजी बुलेटिन ऑफ इन्फॉर्मेशन 2026-27 में दी गई प्रोग्राम-स्पेसिफिक पात्रता शर्तों को भली-भांति जांच लें।

सीबीएसई के छात्रों के लिए विशेष छूट

दाखिला प्रक्रिया को लेकर दिल्ली यूनिवर्सिटी के एडमिशन डीन हनीत गांधी ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि 12वीं कक्षा के वे छात्र जिन्होंने अपने अंकों के सुधार के लिए री-इवैल्यूएशन हेतु आवेदन किया है लेकिन अभी तक संशोधित स्कोरकार्ड नहीं मिला है, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे विद्यार्थी सीएसएएस पोर्टल पर अपने पूर्व के अंकों (प्री-इवैल्यूएशन मार्क्स) के साथ आवेदन कर सकते हैं। जब उनके रिवाइज्ड रिजल्ट की घोषणा हो जाएगी, तब वे अपने मार्क्स को अपडेट कर सकेंगे। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सीएसएएस पोर्टल कई हफ्तों तक खुला रहेगा, ताकि छात्रों को अपने विवरण में बदलाव करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

रजिस्ट्रेशन और आवेदन प्रक्रिया

जो भी इच्छुक उम्मीदवार सीयूईटी में शामिल हुए थे और दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में पढ़ाई करना चाहते हैं, वे कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम-2026 पोर्टल पर जाकर खुद को पंजीकृत कर सकते हैं। इसके लिए छात्रों को अपने सीयूईटी एप्लीकेशन नंबर का उपयोग करना होगा। प्रक्रिया को सुरक्षित और त्रुटिहीन बनाने के लिए यूनिवर्सिटी ने भारत सरकार के सिक्योर एपीआई सेतु का उपयोग किया है। इससे छात्रों का नाम, जन्म तिथि, फोटोग्राफ और सिग्नेचर जैसे क्रेडेंशियल ऑटो-इंटीग्रेटेड हो जाते हैं, जिससे डेटा की सुरक्षा बढ़ती है और मानवीय गलतियों की संभावना न्यूनतम हो जाती है।

पंजीकरण से संबंधित प्रमुख तथ्य

  • रजिस्ट्रेशन की शुरुआत: शुक्रवार, 26 जून, 2026।
  • आवेदन शुल्क (यूआर/ओबीसी-एनसीएल/ईडब्ल्यूएस): 250.00 रुपये (दो सौ पचास रुपये)।
  • आवेदन शुल्क (एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी): 100.00 रुपये (सौ रुपये)।
  • शुल्क का प्रकार: यह शुल्क एक बार जमा किया जाने वाला नॉन-रिफंडेबल अमाउंट है।

एडमिशन का दूसरा चरण और सब्जेक्ट मैपिंग

रजिस्ट्रेशन का पहला चरण पूरा होने के बाद छात्रों को सीएसएएस के दूसरे फेज से गुजरना होगा, जहां उन्हें अपनी पसंद के प्रोग्राम और कॉलेज का चयन करना होगा। इस चरण में छात्रों को अपने सीयूईटी टेस्ट पेपर्स का मिलान 12वीं कक्षा के विषयों के साथ करना अनिवार्य है। यूनिवर्सिटी केवल उन्हीं भाषा या डोमेन-स्पेसिफिक विषयों पर विचार करेगी जिन्हें छात्र ने अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान पढ़ा है। इसी सब्जेक्ट-मैपिंग के आधार पर विश्वविद्यालय छात्रों की पात्रता का निर्धारण करेगा और कुल स्कोर की गणना की जाएगी। दूसरे चरण का विस्तृत शेड्यूल विश्वविद्यालय द्वारा जल्द ही साझा किया जाएगा।

छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी उम्मीदवारों को सुझाव दिया है कि फॉर्म भरने से पहले वेबसाइट पर उपलब्ध यूजी बुलेटिन ऑफ इन्फॉर्मेशन को ध्यानपूर्वक पढ़ें। इसमें मिनिमम एलिजिबिलिटी, प्रोग्राम-स्पेसिफिक आवश्यकताएं और सीट एलोकेशन से जुड़े नियम विस्तार से दिए गए हैं। एडमिशन से जुड़ी किसी भी लेटेस्ट जानकारी, समय-सारणी और आधिकारिक घोषणाओं के लिए छात्रों को नियमित रूप से यूनिवर्सिटी की आधिकारिक एडमिशन वेबसाइट को चेक करते रहना चाहिए।

अनन्या जोशी पाबना की शिक्षा संवाददाता हैं, जो शिक्षा, परीक्षा और करियर से जुड़ी खबरें कवर करती हैं। प्रवेश परीक्षाओं, बोर्ड और करियर विकल्पों पर वे छात्रों के लिए उपयोगी जानकारी देती हैं। उनका फोकस सही और समय पर मार्गदर्शन देने पर रहता है।

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