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एक घंटा पहले
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विचारों
आजकल अधिकांश लोग सेहत के लिहाज से ब्लैक टी और ग्रीन टी का खूब सेवन करते हैं और इन्हें स्वास्थ्य के लिए लाभकारी भी माना जाता है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे अनोखे पेय के बारे में बता रहे हैं, जिसके सामने ये सारी चाय फीकी पड़ जाती हैं। यह है नीला पेय यानी ब्लू ड्रिंक। दरअसल यह कोई महंगी या खास तरीके से तैयार की गई चाय पत्ती नहीं है, बल्कि इसे केवल अपराजिता के फूलों को सुखाकर बनाया जाता है। अपराजिता या नीलकंठ के नाम से प्रसिद्ध यह फूल नीले पेय के रूप में एक बेहद उपयोगी औषधि की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
आयुर्वेद में औषधि का दर्जा
आयुर्वेद में भी अपराजिता के फूलों का औषधि के रूप में कई अलग-अलग तरीकों से उपयोग बताया गया है। प्राकृतिक खेती के विशेषज्ञ राकेश पांडे बताते हैं कि अपराजिता के सूखे फूलों को औषधीय रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जो कई तरह के रोगों में बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं। कई जगहों पर लोग इस फूल को सुखाकर हर्बल ड्रिंक के तौर पर भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
सनातन मान्यताओं से जुड़ा फूल
राकेश पांडे के अनुसार यह फूल भारतीय सनातन मान्यताओं से भी जुड़ा हुआ है। गहरे नीले रंग का होने के कारण इसे भगवान शिव को भी चढ़ाया जाता है और इसी वजह से इसे नीलकंठ भी कहा जाता है। इन फूलों को सुखाकर तैयार की जाने वाली हर्बल टी की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत भी काफी अधिक है, जबकि इसे घर पर बहुत आसानी से बनाया जा सकता है।
घर पर बनाने की आसान विधि
इस पेय को तैयार करने के लिए सबसे पहले पानी को उबालकर गैस से नीचे उतार लें। अब इस गर्म पानी में अपराजिता के दो सूखे फूल डालें। कुछ ही सेकंड में पानी का रंग पूरी तरह नीला हो जाएगा। इसके बाद स्वादानुसार इसमें नींबू और शहद मिलाया जा सकता है।
सेहत के लिए कई फायदे
इस नीले पेय की सबसे खास बात यह है कि इसे सर्दी हो या गर्मी, किसी भी मौसम में गर्म चाय की तरह या ठंडे मोजितो की तरह भी पिया जा सकता है। राकेश पांडे बताते हैं कि यह पेय स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होता है और इसमें कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं।
- नियमित सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
- यह शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है।
- इसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो त्वचा के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं।
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