91 साल की उम्र में भी फौलादी है इस बुजुर्ग का लिवर! एक बार में डकार जाते हैं 1 किलो दही, डाइट चार्ट उड़ा देगा होश जीवनशैली एक महीने पहले 22
पूर्वी चंपारण के पहाड़पुर निवासी 91 वर्षीय झप्सी महतो आज भी पूरी तरह स्वस्थ हैं और एक बार में 1 किलो तक दही आसानी से पचा लेते हैं। कभी मांसाहारी रहे झप्सी ने शाकाहार और कम तेल-मसाले को अपनाकर लंबी उम्र और तंदुरुस्ती की मिसाल कायम की है।

मौजूदा दौर में जब बिगड़ी जीवनशैली और मिलावटी खानपान की वजह से लोग कम उम्र में ही तरह-तरह की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, ऐसे में पूर्वी चंपारण के पहाड़पुर के रहने वाले 91 वर्षीय झप्सी महतो फिटनेस की एक अनूठी मिसाल बनकर सामने आए हैं। इतनी अधिक उम्र में भी उनका लिवर पूरी तरह दुरुस्त है और उनका खानपान किसी नौजवान को भी पीछे छोड़ देता है।

एक बार में 1 किलो दही पचाने का दम

झप्सी महतो की खुराक देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। वे एक ही बार में बिना किसी तकलीफ के 1 किलो तक दही आराम से खा जाते हैं और उसे आसानी से पचा भी लेते हैं। इस उम्र में भी उनका पाचन तंत्र इतना मजबूत है कि बड़े-बड़े नौजवान भी इसके आगे फीके पड़ जाएं।

मांसाहार से शाकाहार तक का सफर

दिलचस्प बात यह है कि अपनी जवानी के दिनों में झप्सी महतो मांसाहारी हुआ करते थे। एक बार दिल्ली के एक डॉक्टर ने उन्हें कम तेल-मसाले वाला भोजन और शाकाहार अपनाने की सलाह दी। झप्सी ने इस सलाह को गांठ बांध लिया और इसी को अपने जीवन का मूलमंत्र बना लिया।

लंबी उम्र और तंदुरुस्ती का राज

कम तेल-मसाले वाला सादा शाकाहारी भोजन और संतुलित खानपान ही झप्सी महतो की सेहत और लंबी उम्र की असली वजह माना जा रहा है। उनका जीवन इस बात की जीती-जागती मिसाल है कि सही खानपान और अनुशासित दिनचर्या अपनाकर बढ़ती उम्र में भी पूरी तरह स्वस्थ रहा जा सकता है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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